August 2, 2021

प्रदेश के राजसमंद जिले में सात साल की मासूम बच्ची पर हुये अमानवीय अत्याचार की घटना सामने आने के बाद राज्य मानवाधिकार आयोग ने इस मामले में प्रसंज्ञान लिया है

योगेंद्र प्रजापति की रिपोर्ट

जयपुर ( राजस्थान ) :-  राजसमंद जिले के भीम थाना इलाके में 7 साल की मासूम बच्ची के साथ हुई दरिंदगी पर राज्य मानवाधिकार आयोग ने प्रसंज्ञान लिया है. आयोग ने मासूम के साथ हुये कृत्य को शर्मसार करने वाला बताते हुये पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों से 15 दिन में जांच रिपोर्ट मांगी है. आयोग सदस्य जस्टिस महेश चंद्र शर्मा ने ने कहा कि यह घृणित कृत्य है. यह मानवता को शर्मसार करने वाला है. इस बारे में जिला प्रशासन से 15 दिन में जांच रिपोर्ट मांगी गई है.

राजसमंद में हुई इस घटना में रिश्तेदारों ने 7 साल की मासूम बच्ची के साथ अमानवीय व्यवहार करते हुये उसे ना केवल लोहे के गर्म सरिये और सिगरेट से दागा बल्कि उसके हाथ-पैर के नाखून तक उखाड़ डाले. मां की मौत के बाद दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर हुई इस मासूम के साथ अत्याचारों का सिलसिला यहीं नहीं रुका, बल्कि रिश्तेदारों ने दरिंदगी की सभी हदे लांघते हुये उसके प्राइवेट पार्ट में मिर्च पाउडर तक डाल दिया.

बाल कल्याण समिति अब इस केस की निगरानी कर रही है हालांकि पुलिस ने मासूम के साथ दरिंदगी करने के आरोपी किशन सिंह और उसकी पत्नी रेखा को अपनी गिरफ्त में ले लिया है. पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि मासूम की मां की मौत हो चुकी है. उसके बाद उसके पिता ने दूसरी शादी कर ली.

दूसरी शादी के बाद वह अपनी बच्ची को रिश्तेदारों के हवाले करके गुजरात मजदूरी करने चला गया. पीछे से रिश्तेदारों ने बच्ची पर अत्याचार करते हुये हैवानियत की सभी हदें पार कर दी. मामला सामने आने के बाद बाल कल्याण समिति अब इस केस की निगरानी कर रही है.

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