राजेश सिंह कि रिपोर्ट

भभुआ ( बिहार ) :- यह वाक्या भभुआ प्रखण्ड मीव पंचायत के सपनौतिया गांव की है। जहां नल जल योजना के तहत टावर तो बैठा दिया गया है लेकिन ये ठिकेदार या मुखिया वार्ड सदस्य की लापरवाही कहिए के पानी के मोटर चलाने के नाम पर लिए गए बिजली की तार जमीन के रास्ते ले जाने के कारण कभी भी बिजली के चपेटे मे ग्रामिणों के अलावा बच्चे या पशु आ सकते है जिसके कारण कभी भी गम्भिर घटना घट सकती है।

जब की योजना के अन्तरगत पोल से तार उपर उपर ले जाना है लेकिन यहा बिजली के खम्बे से तार नीचे लाकर जमीन से चार फुट की उचाई पर तार लाकर जमीन के अन्दर से मोटर तक लाया गया है।यही ही नही टावर से सटे तार को लपेट कर छोड़ दिया गया है और एक बल्ब लटका दिया गया जिसका कनक्सन खुला हैं और पास में पशु बंधा रहता है। खुले तार की उचाई इतनी कम है के कोई बच्चा भी इसके चपेटे में आ सकता है। यही नही सरकारी नल से पास मे ही पाईप लगाकर खेतों का पटवन भी किया जा रहा है।

नल जल योजना के अलावा ऐसी लापरवाही पर बोलते हुए जिला पैक्स एशोसशियन के जिला अध्यक्ष और सपनौतिया गांव के निवासी श्री ददन दुबे ने बताया के नल जल की इतनी शिकायत मीलने के बाद भी जिला प्रशासन द्वारा कोई भी कारवाई नही होना हास्यपद है। मै तो यही देख रहा हूं मुखिया द्वारा नल जल योजना के तहत अपने किए कामों को सही बता रहे है और पी.एच.डी द्वारा किए गये नल जल योजनाओं पर सवाल खड़ा कर रहें तो दुसरी तरफ पी.एच.डी द्वारा अपने द्वारा किए गये किये गये नल जल के कामों को सही बता रहे है। लेकिन मेरा दावा दोनों के कामों से पंचायत के लोगों कोई फायदा नही मील रहा है।

अगर देखा भी जाय तो जितने आरोप नल जल योजनाओं पर लग रहे है और जिस तरह मुखिया और ठिकेदारों द्वारा लापरवाही बरती गई है उस शिकायत को देखते हुए जिला प्रशासन को जांच करनी चाहिए क्यों की शिकायत पुरे जिले में देखने को मील रहे है।

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