राजेश सिंह कि रिपोर्टः

कैमूर बिहारः यह वाक्या जिला मुख्यालय भभुआ मोहनिया मुख्य पथ पर स्थित भभुआ प्रखण्ड के उत्क्रमित मध्य विद्धालय बारे का हैं जहां सरकार के द्वारा लाखों रुपयों खर्च से बनी स्कूल की गेट और चाहदिवारी की दिवाल गीरने से कभी भी बड़ी दुर्घटना घट सकती हैं। स्कूल की जमीन बारे गांव के स्व. अलियार सिंह के पौत्र अरुण कुमार सिंह के द्वारा दानस्वरुप में दिया गया है जैसा की स्कूल के दिवार पर लिखा गया हैं। खेत में जानवर चरा रहे लोगों ने बताया के इस सड़क से दिन भर अधिकारी गुजरते रहते है

लेकिन अभी तक किसी की नजर नही गई स्कूल की बौंड्री कि दिवाल झुकी है मेन गेट लगभग दो फीट झुका है गांव के बच्चे पढ़ाई के अलावा खेलने आते है और दिवाल पर बैठते भी है और गेट से आते जाते है गेट की हालत ऐसी है जो कभी भी गीर सकती है और इसके चपेटे में अगर बच्चे आ गये तो बहुत ही भयावह स्थिति होगी ईशवर ना करे ऐसी घटना घटे। हमलोग जिला पदाधिकारी से प्राथना करते है इसकी जांच पड़ताल कर गैरजिम्मेवार लोग पर कारवाई करें।

इसमें ठिकेदार की लापरवाही साफ नजर आ रही है लेकिन स्कूल के प्रधानाध्यापक के साथ साथ शिक्षा विभाग के अधिकारी भी कम लपरवाह नही नजर आ रहे है आखिर ठिकेदार का बील कैसे पास कर दिया गया ये भी सोचने वाली बात है।

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