विकास कुमार यादव कि रिपोर्ट

जिले में कोरोना संक्रमण से स्वस्थ हो रहे हैं लोग, विगत 10 दिनों में 2 हजार 668 संक्रमित मरीज हुए कोरोना मुक्त
स्वास्थ्य विभाग की टीम के सतत् प्रयास से मरीजों के स्वास्थ्य में हो रहा है तेजी से सुधार
प्रशासन ने संक्रमितों के उपचार के लिए सभी सुविधाओं के साथ की है समुचित व्यवस्था
प्रशासन की अपील- न बने संक्रमण के वाहक, लक्षण दिखने पर कराएं तुरन्त जांच…

चिकित्सकों की उचित सलाह व स्वास्थ्य विभाग की टीम के सतत निरीक्षण, सेवा व उपचार के फलस्वरूप जिले में पिछले 10 दिनों में 2 हजार 668 संक्रमित व्यक्ति कोरोना से मुक्त हो चुके हैं। जिला प्रशासन द्वारा संक्रमितों के उपचार व सहयोग के लिए निरंतर प्रयास किये जा रहे हैं तथा बिना लक्षण व सामान्य लक्षण वाले मरीजों को चिकित्सकों की निगरानी में होम आइसोलेशन की अनुमति दी गई है। होम आइसोलेशन कन्ट्रोल रूम के माध्यम से संक्रमितों के स्वास्थ्य की जानकारी लेकर उचित सलाह भी दी जा रही है। चिकित्सक नियमित अंतराल में मरीजों से उनके स्वास्थ तथा पल्स व ऑक्सीजन की जानकारी लेते रहते हैं। साथ ही होम आइसोलेट में रह रहे मरीज कन्ट्रोल रूम के माध्यम से स्वयं भी चिकित्सकों से परामर्श ले सकते हैं। होमआइसोलेशन के मरीजों की सुविधा के लिए समस्त विकासखण्डों में कंट्रोल रूम बनाये गये हैं। उक्त कंट्रोल रूम से किसी भी समय संपर्क कर कोविड से संबंधित आवश्यक जानकारी व मार्गदर्शन प्राप्त किया जा सकता है। अब तक जिले में 9 हजार 992 कोरोना संक्रमित मरीजों की पुष्टि हुई है, जिसमें से 7 हजार 432 मरीज पूर्ण रूप से स्वस्थ हो चुके हैं तथा 2 हजार 560 मरीजों का उपचार जारी है। वर्तमान में 2 हजार 123 संक्रमित मरीज होम आइसोलेशन में, 45 मरीज कोविड केयर सेन्टर आरागाही में तथा 19 मरीज कोविड अस्पताल वाड्रफनगर में उपचाररत हैं तथा नये मरीजों की भर्ती प्रक्रिया जारी है।
जिले के कोरोना संक्रमित गंभीर मरीजों के उपचार के लिए डेडिकेटेड कोविड अस्पताल वाड्रफनगर में 44 बिस्तरों की व्यवस्था की गई है। साथ ही कोविड केयर सेन्टर आरागाही में 250 ऑक्सीजन युक्त बिस्तर उपलब्ध हैं, जहां वर्तमान में 45 मरीजों का उपचार किया जा रहा है। साथ ही जिला चिकित्सालय बलरामपुर के साथ-साथ प्राथमिक तथा उप स्वास्थ्य केन्द्रों में भी कोरोना के जाँच की व्यवस्था की गई है। लक्षण दिखने पर तत्काल इन केन्द्रों में जाकर कोरोना का जांच कराया जा सकता है। प्रशासन द्वारा कोविड वैक्सीनेशन का कार्य भी तीव्र गति से किया जा रहा है। वर्तमान में 18 से 44 वर्ष के अंत्योदय कार्डधारी तथा 45 वर्ष से अधिक उम्र के व्यक्तियों का टीकाकरण जारी है। प्रशासन द्वारा लोगों से अपील की गई है कि लक्षणों की अनदेखी न करें और न ही खुद को संक्रमण का वाहक बनाएं, बल्कि जितनी जल्दी जांच होगी उतनी आसानी से ईलाज संभव हो पाएगा। अपने और अपनों की सुरक्षा के लिए सदैव मास्क पहने और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें।

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