गाजा पट्टी। इजरायल और फिलिस्तीन के बीच शुरू हुआ खूनी संघर्ष गंभीर हो गया है। इजरायल की ओर से एक बार फिर एयरस्ट्राइक की गई है। इजरायली सेना ने रैकेट और टैंकों से फिलिस्तीनी ठिकानों पर गालाबारी की है। संघर्ष बढ़ते देखकर फिलिस्तीन में लोगों ने पलायन करना शुरू कर दिया है।


लोग गोलाबारी के बीच अपने बच्चों को लेकर दूर सुरक्षित स्थानों के लिए निकल पड़े हैं। लोगों के लिए जान बचाना इस समय सबसे बड़ी चुनौती बन गया है। इजरायल की तरफ से दक्षिणी गाजा पट्टी पर कई रॉकेट दागे गए और एयरस्ट्राइक भी की गई है। हमला इतना जबर्दस्त था कि फिलिस्तीन का एक पूरा परिवार साफ हो गया और कई घरों के चिथड़े उड़ गए। किसी ने विद्रोह करने की कोशिश की तो इजरायली सैनिकों द्वारा उसे भी मौत के घाट उतार किया गया। इस समय फिलिस्तीन में कई ऐसे पीड़ित परिवार मौजूद हैं जो दिल दहला देने वाली घटनाएं बता रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि इजरायल के हमले में कई मासूमों की जान भी जा रही है।


इजरायल ने कहा कि उनका हमला सिर्फ आतंकियों का सफाया करने के लिए है। एक पीड़ित ने कहा कि हमने खिड़की से बाहर देखने की भी हिम्मत नहीं की। हमे नहीं जानना था कि कौन सा रॉकेट किसे निशाना बना रहा है। जब सुबह बाहर देखा तो सिर्फ तबाही का मंजर दिखाई पड़ा। बिल्डिंग टूट गई थीं, सड़क पर पेड़ पड़े थे और आसमान में काला धुएं का गुबार था। स्थानीय लोगों ने बताया इजरायल के हमले में एक गर्भवती महिला समेत चार लोगों की मौत हो गई।


भीषण तबाही के बीच हजारों लोग स्कूलों में शरण लेने को मजबूर हैं, जो रिलीफ एजेंसी द्वारा संचालित किए जा रहे हैं। कई जगहों से पलायन तेज हो गया है और हमलों से बचने के लिए सभी दूर-दराज के इलाकों में जा रहे हैं। एक पीड़ित ने कहा- हमे नहीं पता कि अब कोरोना से बचना है या फिर रॉकेट से या फिर किसी दूसरे हमले से। मेरे बच्चों ने कुछ नहीं खाया है, सोने के लिए कोई बिस्तर-चादर नहीं है। हम सभी ने एक स्कूल में शरण ले रखी है।

इजरायल की कार्रवाई के साथ-साथ हमास हमले कर रहा है। उसने अब तक लगभग 1800 रॉकेट दागे हैं। हमास की तरफ से भी इजारायल के रिहायशी इलाकों में गोले दागे गए हैं। इजरायल का कहना है कि हमास की तरफ से इंसानियत को शर्मसार किया गया है और उन्हें इसका मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। अब इस समय परिस्थिति ऐसी है, जहां न इजरायल पीछे हटने को तैयार है और न फिलिस्तीन। कई देशों ने इस संघर्ष को रोकने के लिए मध्यस्थता की कोशिश की है, लेकिन अब तक इसका कोई नतीजा निकलते नहीं दिखाई दे रहा है।

error: Content is protected !!