August 2, 2021

शासकीय शिक्षक ने कैसे खाद्य विभाग को लगाया चूना…पढ़ें पूरी खबर

अपनी पत्नी के नाम 2-2 राशन कार्ड बनवाकर…राशन दुकान से कर रहा चावल का उठाव

अम्बिकापुर 17जुन2021– सरगुजा जिले के रघुनाथपुर स्थित गंगापुर शासकीय उचित मूल्य की दुकान में गड़बड़झाला सामने आया है। एक हितग्राही के नाम पर दो राशन कार्ड बनवा कर राशन का वितरण खुलेआम बिना किसी डर भय के किया जा रहा है।

दरअसल सरगुजा जिले में शासकीय उचित मूल्य की दुकाने भ्रष्टाचार का गढ़ बन चुका है। पीडीएस दुकानों में गरीबों के हक के राशन पर डाका डाला जाता है। जबकि विशेष व्यक्ति को लाभ पहुंचाने के लिए कई तरह की गड़बड़ी पीडीएस दुकान के संचालकों द्वारा की जाती है। जिसका सीधा फायदा उचित मूल्य दुकान के संचालक और अपात्र व्यक्ति को होता है। इसी कड़ी में एक मामला सामने आया है जहां एक विशेष व्यक्ति को लाभ पहुंचाने के लिए एक ही नाम पर दो राशन कार्ड बनवाया गया है। गड़बड़ी का यह मामला सरगुजा जिले के रघुनाथपुर स्थित गंगापुर शासकीय उचित मूल्य दुकान का। जहां मनीषा प्रजापति नाम की एक महिला का दो राशन कार्ड बनाया गया है। जबकि उक्त महिला का पति (रविन्द्र कुमार प्रजापति) वर्तमान में एक शासकीय शिक्षक के पद पर आसीन हैं। दोनों राशन कार्ड से महिला शासकीय उचित मूल्य की दुकान से राशन का उठाव करती है। जबकि उचित मूल्य दुकान की संचालिका सोनामती प्रजापति सब कुछ जानते हुए भी महिला हितग्राही को खुला छूट दे रखी है।

एक ओर पीडीएस दुकान संचालिका सोनामती प्रजापति ने मामले से पल्ला झाड़ते हुए अधिकारियों पर ठीकरा फोड़ दिया। उन्होंने साफ कह दिया कि इस संबंध में वह अपने उच्च अधिकारियों को अवगत करा चुकी है। लेकिन मीडिया कर्मी के सवालों पर वह फंसती नजर आई। पीडीएस दुकान संचालिका का कहना है कि रजिस्टर में जिन हितग्राहियों का नाम एंट्री रहता है उन्हें ही राशन का वितरण किया जाता है। लेकिन उचित मूल्य दुकान संचालिका की धांधली उस वक्त पकड़ी गई जब महिला हितग्राही मनीषा प्रजापति का नाम रजिस्टर और ऑनलाइन दोनों जगह रजिस्टर्ड पाया गया। जबकि महिला हितग्राही ने कई बार दोनों राशन कार्ड से राशन का उठाव किया था।

मामले के संबंध में ग्राम पंचायत की महिला सरपंच सरिता सिंह का कहना है कि उन्हें इस संबंध में जानकारी नहीं है। महिला सरपंच ने कहा कि इस संबंध में जांच की जाएगी आखिरकार किस आधार पर एक ही महिला के नाम पर दो राशन कार्ड बनवाया गया। गांव की सरपंच भी मान रही यही की यदि ऐसी गड़बड़ी की गई है तो वह उचित नहीं है।

उक्त मामले के संबंध में जब खाद्य अधिकारी रविंद्र सोनी को अवगत कराया गया तो उन्होंने तत्काल मामले की जांच की। जहां प्राथमिक जांच के खाद्य अधिकारी ने गड़बड़ी को सही पाया। वहीं खाद्य अधिकारी का कहना है कि इस मामले की विधिवत जांच कराई जाएगी अगर गड़बड़ी सही पाई गई तो पीडीएस दुकान के संचालिका के खिलाफ कार्यवाही की जाएगी। साथ ही अपात्र महिला हितग्राही के दोनों राशन कार्ड को निरस्त कर वसूली की कार्यवाही होगी।

बरहाल जिले के खाद्य अधिकारी ने कार्यवाही की बात करते हुए दोनो राशन कार्ड निरस्त करने की बात तो कह दिए, लेकिन सबसे बड़ी बात यह है कि किस तरह एक शासकीय शिक्षक(रविन्द्र कुमार प्रजापति) बेखौफ होकर अपनी पत्नी के नाम पर दो-दो राशन कार्ड बनवाकर किस तरह लाभ उठा रहा था। ऐसे लापरवाह शिक्षक पर क्या..? जिला प्रशासन कार्यवाही कर पाती है या नहीं,यह आने वाला समय बता पाएगा।

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