October 23, 2021

प्रधानमंत्री फसल बीमा के घोटाले में हर दिन नया खुलासा बीमा की राशि जिस दिन खाते में अंतरित,उसी दिन आहरित कर ली गई

रिपोर्टर@तरुण अंबस्ट
भैयाथान-: विकासखण्ड में स्थित जिला सहकारी केंद्रीय बैंक में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना राशि में हुए घोटाला का मामला थमने का नाम नही ले रहा है। उस घोटाले में कई ग्रामों के किसानों के शिकायत की फेहरिस्त लंबी होती जा रही है और किसान फसल बीमा राशि के पतासाजी में जुट गए हैं।मामला सामने आने के बाद सहकारी बैंक में ओडगी व भैयाथान विकासखंड के कई ग्राम के किसानो ने अपने खाते का स्टेटमेंट लेने बैंक का चक्कर लगाने लगे हैं। जहां बैंक के बाहर किसानों की भीड़ सुबह से ही उमड़ जाती है लेकिन शाखा प्रबंधक द्वारा काफ़ी गोलमोल जवाब देते हुए टरकाने की कोशिश की जाती है जिससे उन किसानों को शाम 4 बजे तक स्टेटमेंट के लिए बैठाया जाता है।

जनप्रतिनिधि के हस्तक्षेप से मिल पा रहा है किसानों को स्टेटमेंट
किसान फसल बीमा की राशि में हुए घपले के पतासाजी हेतु बैंक पहुंचकर अपने खाता का स्टेटमेंट मांगा तब शाखा प्रबंधक के द्वारा स्टेटमेंट मांगने पर आनाकानी करने लगे यह जवाब सुनकर किसानों ने जनपद सदस्य सुनील साहू को बैंक स्टेटमेंट निकालने के लिए बुलाया तब जाकर कुछ किसानों का स्टेटमेंट शाखा प्रबंधक के द्वारा शाम चार बजे के बाद दिया गया।

प्रधानमंत्री फसल बीमा घपले का अहम हिस्सा है पासबुक प्रिंट नही करना
किसानों की माने तो सहकारी बैंक में बीते कई वर्षो से पासबुक प्रिंट नही किया जाता है। यही कारण है कि किसानों के फसल बीमा राशि आने तथा फर्जी तरीके से निकालने के बाद भी उन्हें पता नही चला और उनके खाते से रुपए गायब हो गए है और इतना बडे घोटाला को अंजाम दिया जा सका।जिसमे बैंक की संलिप्तता स्पष्ट नजर आती है।

गांव गांव पहुंच रहे जांच दल के अधिकारी छह माह पूर्व किसानों द्वारा दिए गए आवेदन पर जांच दल के अधिकारी बीते शनिवार को ग्राम भवराही व नावापारा पहुंचकर वहां के किसानों का बयान लिया। सिर्फ पहले के आवेदनकर्ता किसानों का बयान लेने से कई किसान असंतुष्ट नजर आए क्योंकि फसल बीमा राशि डकारे जाने की शिकायत कलेक्टर से किए थे लेकिन बयान लेने आए जांच दल अधिकारियों के पास उन किसानों का नाम सूची में शामिल नहीं था।

इधर जमा उधर निकासी
2018 के फसल बीमा की राशि किसानों के खाते में 06 अगस्त 2019 को आया और उसी दिन वह राशि उनके खाते से आहरण कर ली गई। एक दिन में जमा उसी दिन निकासी संदेह को प्रमाणित करता है।जिसकी जानकारी किसानों को तनिक भी नहीं हुई। यही कारण है कि इतना बड़ा घपला किसानों के साथ हो गया।बहरहाल जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि इस घोटाले में कौन कौन संलिप्त हैं।
भैयाथान, नावापारा,भवराही, बिरमताल, गंगौटी, बांसापारा, खुटरापारा,खड़गंवा,शिवप्रसाद नगर,चोपन,सिरसी,रगदा,पासल तथा ओडगी विकासखंड के मोहरसोप, चबदा,करौंटी,रामपुर,बेगारीडांड सहित दर्जनों ग्राम के किसानों के खाते से राशि आहरण हो गया है।

इस संबंध में नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने कहा कि अधिकारियों के खिलाफ एफ आई आर दर्ज होनी चाहिए केंद्र सरकार अगर यह पैसा किसानों तक भेज रही है तो पूरी पैसा उन्हें मिलनी चाहिए बीमा कंपनी द्वारा खाते में राशि डालने के बाद अगर आहरण हो जाए तो यह दुर्भाग्यजनक स्थिति है। कांग्रेसी सरकार आने के बाद लगातार यही स्थिति है बिलासपुर में भी एफ आई आर दर्ज हुई है। किसानों के लिए पैसा आया है उन्हें मिलना चाहिए ।भाजपा इसे बर्दाश्त नहीं करेगी अपितु सड़क से सदन तक की लड़ाई लड़ेगी।

भाजपा जिलाध्यक्ष बाबूलाल अग्रवाल ने इस संबंध में कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा राशि में किसानों के साथ अन्याय हुआ है जहां किसानों के खाते में एक ही दिन में राशि जमा होता है और उसी दिन निकल जाता है जो प्रथम दृष्टया गड़बड़ी प्रतीत होती है अभी तक जिला प्रशासन द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की गई है मेरा जिला प्रशासन से आग्रह है कि समय सीमा में किसानों की राशि उनके खाते में डाली जाए अन्यथा भाजपा किसानों की लड़ाई लड़ेगी। बैंक में खाते की पासबुक प्रिंट स्टेटमेंट खाता धारक का अधिकार है इसमें पूर्ण पारदर्शिता होनी चाहिए।

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