December 5, 2021

Ramanujganj Special: दीपावली में इको-फ्रेंडली दीयों से घर आंगन होंगे रोशन, गोबर मिट्टी से बने रंग-बिरंगे आकर्षक दीये महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर भी बना रहे हैं।

रिपोर्टर@विकास कुमार यादव

बलरामपुर-:खुशीयों के त्यौहार दीपावली के लिए अमीर हो या गरीब सभी तैयारी करने लगे हैं दीपावली भारत के सबसे बड़े और सर्वाधिक महत्वपूर्ण त्योहारों में से एक है। 
महिलाएं अपने हाथों से इको-फ्रेंडली दीयों को बनाने में जुट गई हैं, प्रगति वन महिला स्व-सहायता समूह द्वारा वार्ड 7 में संचालित सेंटर अब मल्टीपल एक्टीविटी सेंटर के रूप में उभर रहा है साथ ही स्थानीय महिलाओं को रोजगार मिलने से वह आत्मनिर्भर बन रही हैं।

महिलाओं ने इसे अपनी आर्थिक और सामाजिक स्थिति मजबूत करने का जरिया बना लिया है।

स्व-सहायता समूह की महिलाओं के हाथों दिपावली त्यौहार से पहले गाय के गोबर और मिट्टी से दीपक बनाने का कार्य तेजी से हो रही है साथ ही दीयों को कलर्स से पेंट करके आकर्षक रंग देने में महिलाएं जुटी हुई हैं यहां इको फ्रेंडली दीयों की कीमत 200 रूपए सैंकड़ा (hundred piece) रखी गई है।

प्रगति वन महिला स्व-सहायता समूह की अध्यक्ष लाखो पुरी ने बताया, समूह की महिलाएं प्रतिदिन 300 दीये तैयार कर रही हैं इको फ्रेंडली होने के चलते इन दीयों की मांग आ रही है। समूह की सचिव सरस्वती ठाकुर ने बताया कि इस बार दीपावली पर गोबर मिट्टी से बने इको-फ्रेंडली दीयों से रामानुजगंज के हजारों घर रोशन होंगे।

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