<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>भारत &#8211; Pulse 24 News</title>
	<atom:link href="https://pulse24news.com/category/india/feed/" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://pulse24news.com</link>
	<description></description>
	<lastBuildDate>Wed, 16 Sep 2026 11:31:58 +0000</lastBuildDate>
	<language>en</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=7.1.1</generator>

<image>
	<url>https://pulse24news.com/wp-content/uploads/2025/12/cropped-logo-1-32x32.jpg</url>
	<title>भारत &#8211; Pulse 24 News</title>
	<link>https://pulse24news.com</link>
	<width>32</width>
	<height>32</height>
</image> 
	<item>
		<title>सीएम पुष्कर सिंह धामी का जन्मदिन आज, पीएम मोदी ने दी शुभकामनाएं, दिव्यांग बच्चों के बीच मनाया जन्मदिन</title>
		<link>https://pulse24news.com/uttarakhand-cm-pushkar-singh-dhami-birthday-pm-modi-wishes/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Ratna Priya]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 16 Sep 2026 11:31:54 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तराखंड]]></category>
		<category><![CDATA[भारत]]></category>
		<category><![CDATA[राजनीति]]></category>
		<category><![CDATA[लेटेस्ट न्यूज़]]></category>
		<category><![CDATA[pm modi]]></category>
		<category><![CDATA[pushkar singh dhami]]></category>
		<category><![CDATA[uttarakhand news]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://pulse24news.com/?p=3725</guid>

					<description><![CDATA[उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आज, 16 सितंबर को जन्मदिन है। इस खास मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत केंद्र और देशभर के कई नेताओं ने उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री धामी का जन्म 16 सितंबर 1975 को उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले के तुण्डी गांव में हुआ था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<figure class="wp-block-image size-large"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="1024" height="614" src="https://pulse24news.com/wp-content/uploads/2026/09/1299213-pushkar-singh-dhami-1024x614.jpg" alt="" class="wp-image-3730" srcset="https://pulse24news.com/wp-content/uploads/2026/09/1299213-pushkar-singh-dhami-1024x614.jpg 1024w, https://pulse24news.com/wp-content/uploads/2026/09/1299213-pushkar-singh-dhami-300x180.jpg 300w, https://pulse24news.com/wp-content/uploads/2026/09/1299213-pushkar-singh-dhami-767x460.jpg 767w, https://pulse24news.com/wp-content/uploads/2026/09/1299213-pushkar-singh-dhami.jpg 1200w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p class="wp-block-paragraph">उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आज, 16 सितंबर को जन्मदिन है। इस खास मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत केंद्र और देशभर के कई नेताओं ने उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री धामी का जन्म 16 सितंबर 1975 को उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले के तुण्डी गांव में हुआ था।</p>



<p class="wp-block-paragraph">प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को पत्र भेजकर उनके स्वस्थ और दीर्घायु जीवन की कामना की। अपने शुभकामना संदेश में प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्री धामी के अनुभव, समर्पण और दूरदर्शिता की सराहना की। उन्होंने उम्मीद जताई कि इन गुणों के माध्यम से मुख्यमंत्री उत्तराखंड को निरंतर प्रगति के पथ पर आगे बढ़ाने और राज्य को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहेंगे।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>विकसित भारत के निर्माण में उत्तराखंड की भूमिका</strong></p>



<p class="wp-block-paragraph">प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संदेश में राष्ट्र और समाज के हित में मुख्यमंत्री धामी द्वारा किए जा रहे कार्यों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्य उनके जीवन को यश और गौरव से परिपूर्ण करें। प्रधानमंत्री ने विकसित भारत के निर्माण में उत्तराखंड के योगदान को महत्वपूर्ण बताया।</p>



<p class="wp-block-paragraph">उन्होंने कहा कि देश शक्ति की सप्तधारा के संकल्प के साथ विकसित भारत के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ रहा है। ऐसे में उत्तराखंड की सामर्थ्य, प्राकृतिक संसाधनों और जनशक्ति को नए आयाम देने के प्रयास महत्वपूर्ण हैं। इस दिशा में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सक्रिय भूमिका को भी अहम बताया गया।</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img decoding="async" width="907" height="1024" src="https://pulse24news.com/wp-content/uploads/2026/09/HSUcCUDacAAfV9-907x1024-1.jpg" alt="" class="wp-image-3731" srcset="https://pulse24news.com/wp-content/uploads/2026/09/HSUcCUDacAAfV9-907x1024-1.jpg 907w, https://pulse24news.com/wp-content/uploads/2026/09/HSUcCUDacAAfV9-265x300-1.jpg 265w, https://pulse24news.com/wp-content/uploads/2026/09/HSUcCUDacAAfV9-768x867-1.jpg 768w, https://pulse24news.com/wp-content/uploads/2026/09/HSUcCUDacAAfV9-1360x1536-1.jpg 1360w, https://pulse24news.com/wp-content/uploads/2026/09/HSUcCUDacAAfV9-.jpg 1813w" sizes="(max-width: 907px) 100vw, 907px" /></figure>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>दिव्यांग बच्चों के बीच मनाया जन्मदिन</strong></p>



<p class="wp-block-paragraph">वहीं, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने जन्मदिन को खास अंदाज में मनाया। उन्होंने बुधवार को <strong>देहरादून स्थित <em>राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांगजन सशक्तिकरण संस्थान (NIEPVD)</em></strong> पहुंचकर दिव्यांग बच्चों के बीच अपना जन्मदिन मनाया। मुख्यमंत्री ने बच्चों के साथ केक काटा और उनके साथ समय बिताया।</p>



<p class="wp-block-paragraph">इस दौरान मुख्यमंत्री ने बच्चों से बातचीत की और उनके साथ आत्मीय पल साझा किए। देहरादून स्थित NIEPVD दृष्टिबाधित और दृष्टि दिव्यांगता से जुड़े लोगों की शिक्षा, प्रशिक्षण, पुनर्वास और सशक्तिकरण के क्षेत्र में काम करता है। संस्थान में दृष्टि दिव्यांग बच्चों के लिए शिक्षा की भी व्यवस्था है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">मुख्यमंत्री का बच्चों के बीच पहुंचकर जन्मदिन मनाना उनके जन्मदिन के कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण रहा। इस दौरान बच्चों के साथ केक काटते हुए मुख्यमंत्री धामी ने उनके साथ समय बिताया।</p>



<p class="wp-block-paragraph">बता दें कि पुष्कर सिंह धामी उत्तराखंड के वर्तमान मुख्यमंत्री हैं। उनका राजनीतिक सफर खटीमा क्षेत्र से जुड़ा रहा है और वह उत्तराखंड विधानसभा के सदस्य भी रहे हैं। उत्तराखंड सरकार की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, धामी 2012-2017, 2017-2022 और 2022 से वर्तमान तक विधानसभा सदस्य रहे हैं।</p>



<p class="wp-block-paragraph">मुख्यमंत्री के जन्मदिन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की शुभकामनाओं के साथ-साथ विभिन्न नेताओं और समर्थकों की ओर से भी उन्हें बधाई संदेश दिए जा रहे हैं। सोशल मीडिया पर भी मुख्यमंत्री को जन्मदिन की शुभकामनाएं देने का सिलसिला जारी है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>UPI पर चार्ज को लेकर सियासत तेज, राहुल गांधी का सरकार पर बड़ा हमला</title>
		<link>https://pulse24news.com/upi-mdr-charge-rahul-gandhi-modi-government-us-pressure-2026/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Ratna Priya]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 15 Sep 2026 09:18:06 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[भारत]]></category>
		<category><![CDATA[राजनीति]]></category>
		<category><![CDATA[लेटेस्ट न्यूज़]]></category>
		<category><![CDATA[विश्व]]></category>
		<category><![CDATA[india news]]></category>
		<category><![CDATA[latest news]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://pulse24news.com/?p=3701</guid>

					<description><![CDATA[UPI यानी Unified Payments Interface को लेकर देश में एक बार फिर सियासी बहस तेज हो गई है। केंद्र सरकार की ओर से किए गए ताजा नियामकीय बदलाव के बाद अब ₹2,000 से ज्यादा के कुछ UPI मर्चेंट ट्रांजेक्शन पर शुल्क लगाए जाने की संभावना जताई जा रही है। इसी मुद्दे को लेकर कांग्रेस नेता [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<figure class="wp-block-image size-large"><img decoding="async" width="1024" height="683" src="https://pulse24news.com/wp-content/uploads/2026/09/IMG_0485-1024x683.jpeg" alt="" class="wp-image-3702" srcset="https://pulse24news.com/wp-content/uploads/2026/09/IMG_0485-1024x683.jpeg 1024w, https://pulse24news.com/wp-content/uploads/2026/09/IMG_0485-300x200.jpeg 300w, https://pulse24news.com/wp-content/uploads/2026/09/IMG_0485-768x512.jpeg 768w, https://pulse24news.com/wp-content/uploads/2026/09/IMG_0485.jpeg 1200w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p class="wp-block-paragraph">UPI यानी Unified Payments Interface को लेकर देश में एक बार फिर सियासी बहस तेज हो गई है। केंद्र सरकार की ओर से किए गए ताजा नियामकीय बदलाव के बाद अब ₹2,000 से ज्यादा के कुछ UPI मर्चेंट ट्रांजेक्शन पर शुल्क लगाए जाने की संभावना जताई जा रही है। इसी मुद्दे को लेकर कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर बड़ा हमला बोला ।</p>



<p class="wp-block-paragraph">राहुल गांधी ने आरोप लगाया है कि सरकार ने चुपचाप UPI पर फीस लगाने का रास्ता खोल दिया है। उनके मुताबिक, ₹2,000 से ज्यादा के मर्चेंट UPI ट्रांजेक्शन पर MDR यानी Merchant Discount Rate लगाया जा सकता है। राहुल का दावा है कि संख्या के लिहाज से ऐसे ट्रांजेक्शन करीब 5 फीसदी हो सकते हैं, लेकिन UPI की कुल ट्रांजेक्शन वैल्यू में इनका हिस्सा लगभग 65 फीसदी है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">राहुल गांधी ने यह भी आरोप लगाया कि अमेरिकी पेमेंट कंपनियां लंबे समय से भारत की जीरो-MDR नीति का विरोध करती रही हैं। उन्होंने केंद्र सरकार पर अमेरिकी दबाव में काम करने का आरोप लगाते हुए इसे भारत-अमेरिका ट्रेड डील से भी जोड़ दिया। राहुल का कहना है कि अगर व्यापारियों पर कोई शुल्क लगाया जाता है, तो उसका असर आखिरकार ग्राहकों पर ही पड़ सकता है, क्योंकि दुकानदार अपनी लागत बढ़ने के बाद कीमतों में उसका भार जोड़ सकते हैं।&nbsp;</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>क्या है नया UPI नियम?</strong></p>



<p class="wp-block-paragraph">14 सितंबर 2026 को किए गए बदलाव के तहत ₹2,000 तक के UPI लेन-देन पर शुल्क लगाने से सुरक्षा बरकरार रखी गई है। वहीं ₹2,000 से अधिक के लेन-देन पर शुल्क लगाए जाने की संभावना का रास्ता खुला है। हालांकि, फिलहाल यह कहना सही नहीं होगा कि हर ₹2,000 से ऊपर के UPI भुगतान पर निश्चित रूप से चार्ज लगेगा। शुल्क की दर और इसे किस तरह लागू किया जाएगा, इस पर अंतिम फैसला अभी बाकी है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">रिपोर्टों के मुताबिक, सरकार, बैंक और पेमेंट कंपनियां बड़े UPI मर्चेंट ट्रांजेक्शन पर संभावित शुल्क को लेकर चर्चा कर रही हैं। एक प्रस्ताव में करीब 0.4 फीसदी शुल्क की बात सामने आई है, लेकिन यह अंतिम दर नहीं है। साथ ही, व्यक्ति से व्यक्ति यानी P2P ट्रांजेक्शन को फिलहाल शुल्क से बाहर रखने की बात कही जा रही है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">ऐसे में UPI यूजर्स की नजर अब सरकार के अगले फैसले पर है। बड़ा सवाल यही है कि क्या ₹2,000 से ऊपर के डिजिटल भुगतान पर वास्तव में MDR लागू होगा और अगर होगा, तो उसका बोझ व्यापारी, पेमेंट कंपनियां या किसी अप्रत्यक्ष तरीके से ग्राहक—किस पर पड़ेगा।</p>



<p class="wp-block-paragraph"></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>राम रहीम को फिर 21 दिन की राहत, 7 साल में 17वीं बार जेल से बाहर</title>
		<link>https://pulse24news.com/ram-rahim-gets-21-day-relief-again-steps-out-of-jail-for-the-17th-time-in-7-years/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Ratna Priya]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 25 Aug 2026 10:37:10 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[भारत]]></category>
		<category><![CDATA[ram rahim]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://pulse24news.com/?p=3595</guid>

					<description><![CDATA[ राम रहीम को फिर 21 दिन की राहत, 7 साल में 17वीं बार जेल से बाहर
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="614" src="https://pulse24news.com/wp-content/uploads/2026/08/1693867-ram-rahim-1024x614.jpg" alt="" class="wp-image-3596" srcset="https://pulse24news.com/wp-content/uploads/2026/08/1693867-ram-rahim-1024x614.jpg 1024w, https://pulse24news.com/wp-content/uploads/2026/08/1693867-ram-rahim-300x180.jpg 300w, https://pulse24news.com/wp-content/uploads/2026/08/1693867-ram-rahim-767x460.jpg 767w, https://pulse24news.com/wp-content/uploads/2026/08/1693867-ram-rahim.jpg 1500w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p class="wp-block-paragraph">डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह एक बार फिर जेल से बाहर आ गया है। रोहतक की सुनारिया जेल से मंगलवार सुबह करीब 6 बजकर 5 मिनट पर उसे 21 दिन की अस्थायी रिहाई मिली। इसके बाद राम रहीम कड़ी सुरक्षा के बीच सिरसा स्थित डेरा सच्चा सौदा आश्रम के लिए रवाना हुआ।</p>



<p class="wp-block-paragraph">गुरमीत राम रहीम की यह जेल से <strong>17वीं अस्थायी रिहाई</strong> है। वह अगस्त 2017 में दोषी ठहराए जाने के बाद से जेल में सजा काट रहा है। इस दौरान उसे कई बार पैरोल और फरलो मिल चुकी है।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>21 दिन के लिए जेल से बाहर</strong></p>



<p class="wp-block-paragraph">मंगलवार सुबह सुनारिया जेल से बाहर निकलने के बाद राम रहीम अपने काफिले के साथ सिरसा स्थित डेरा सच्चा सौदा मुख्यालय के लिए रवाना हुआ। रिपोर्ट के मुताबिक, वह इस 21 दिन की अवधि के दौरान सिरसा आश्रम में रहेगा। रिहाई के दौरान सुरक्षा के भी इंतजाम किए गए थे।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>इस साल तीसरी बार जेल से बाहर</strong></p>



<p class="wp-block-paragraph">साल 2026 में राम रहीम की यह तीसरी अस्थायी रिहाई है। इससे पहले जनवरी में उसे 40 दिन और मई में 30 दिन की पैरोल मिली थी। मई वाली पैरोल पूरी होने के बाद वह 26 जून को वापस सुनारिया जेल पहुंचा था। अब करीब दो महीने बाद उसे फिर 21 दिन के लिए जेल से बाहर आने की अनुमति मिली है।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>2017 में हुई थी सजा</strong></p>



<p class="wp-block-paragraph">गुरमीत राम रहीम सिंह को 2017 में दो साध्वियों से बलात्कार के मामले में दोषी ठहराया गया था और उसे 20 साल की सजा सुनाई गई थी। इसके बाद से वह रोहतक की सुनारिया जेल में बंद है। पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्याकांड में भी उसे दोषी ठहराया जा चुका है।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>बार-बार रिहाई पर उठते रहे हैं सवाल</strong></p>



<p class="wp-block-paragraph">राम रहीम को बार-बार पैरोल या फरलो मिलने को लेकर राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों की ओर से सवाल उठते रहे हैं। उसकी अस्थायी रिहाई का मामला पहले भी सार्वजनिक और राजनीतिक बहस का विषय रहा है। हालांकि हर बार रिहाई संबंधित प्रशासनिक और कानूनी प्रक्रिया के तहत होती है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">फिलहाल 21 दिन की इस रिहाई के बाद राम रहीम सिरसा स्थित डेरा सच्चा सौदा आश्रम में रहेगा।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>एक साल में 3 फ्री LPG सिलेंडर, महिलाओं और ट्रांसजेंडरों के लिए भी बड़ा ऐलान</title>
		<link>https://pulse24news.com/%e0%a4%8f%e0%a4%95-%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%b2-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-3-%e0%a4%ab%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80-lpg-%e0%a4%b8%e0%a4%bf%e0%a4%b2%e0%a5%87%e0%a4%82%e0%a4%a1%e0%a4%b0-%e0%a4%ae/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Ratna Priya]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 24 Aug 2026 09:38:40 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[भारत]]></category>
		<category><![CDATA[राजनीति]]></category>
		<category><![CDATA[लेटेस्ट न्यूज़]]></category>
		<category><![CDATA[free gas]]></category>
		<category><![CDATA[tamilnadu news]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://pulse24news.com/?p=3585</guid>

					<description><![CDATA[तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने विधानसभा में किए कई बड़े ऐलान तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने सोमवार को विधानसभा में कई बड़े ऐलान किए। इनमें गरीब परिवारों के लिए हर साल तीन मुफ्त LPG सिलेंडर, महिलाओं और ट्रांसजेंडर यात्रियों के लिए मुफ्त बस यात्रा जैसी योजनाएं शामिल हैं। पोंगल 2027 से मिलेंगे 3 मुफ्त LPG [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="900" height="600" src="https://pulse24news.com/wp-content/uploads/2026/08/1720001647_vijay-1.jpg" alt="" class="wp-image-3586" srcset="https://pulse24news.com/wp-content/uploads/2026/08/1720001647_vijay-1.jpg 900w, https://pulse24news.com/wp-content/uploads/2026/08/1720001647_vijay-1-300x200.jpg 300w, https://pulse24news.com/wp-content/uploads/2026/08/1720001647_vijay-1-768x512.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 900px) 100vw, 900px" /></figure>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने विधानसभा में किए कई बड़े ऐलान</strong></p>



<p class="wp-block-paragraph">तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने सोमवार को विधानसभा में कई बड़े ऐलान किए। इनमें गरीब परिवारों के लिए हर साल तीन मुफ्त LPG सिलेंडर, महिलाओं और ट्रांसजेंडर यात्रियों के लिए मुफ्त बस यात्रा जैसी योजनाएं शामिल हैं।</p>



<h4 class="wp-block-heading">पोंगल 2027 से मिलेंगे 3 मुफ्त LPG सिलेंडर</h4>



<p class="wp-block-paragraph">मुख्यमंत्री विजय ने ‘अन्नपूर्णानी सुपर सिक्स’ योजना का ऐलान किया है। इसके तहत सालाना 2.5 लाख रुपये से कम आय वाले परिवारों को पोंगल 2027 से हर साल तीन मुफ्त LPG सिलेंडर दिए जाएंगे। सरकार के मुताबिक, इस योजना से करीब 1.30 करोड़ परिवारों को फायदा मिलेगा। योजना पर हर साल करीब 4 हजार करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">सरकार के मुताबिक, लाभार्थी पहले सिलेंडर खरीदेंगे और बाद में उसकी कीमत सीधे उनके बैंक खाते में जमा की जाएगी। यानी एक साल में तीन सिलेंडर की कीमत सरकार की ओर से वापस की जाएगी।</p>



<h4 class="wp-block-heading">महिलाओं को बस यात्रा में बड़ी राहत</h4>



<p class="wp-block-paragraph">विजय ने महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा की सुविधा का भी विस्तार करने का ऐलान किया। अब सामान्य बसों के अलावा एक्सप्रेस, LSS, डीलक्स और अंतर-जिला बसों में भी महिलाओं को मुफ्त यात्रा की सुविधा मिलेगी। यह व्यवस्था 2 अक्टूबर से शुरू की जाएगी।</p>



<p class="wp-block-paragraph">इसके साथ ही ट्रांसजेंडर यात्रियों को भी मुफ्त बस यात्रा की सुविधा देने का ऐलान किया गया है। सरकार के इन फैसलों को महिलाओं और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है।</p>



<h4 class="wp-block-heading">परंदूर एयरपोर्ट पर भी सरकार का रुख साफ</h4>



<p class="wp-block-paragraph">मुख्यमंत्री विजय ने चेन्नई के प्रस्तावित परंदूर एयरपोर्ट को लेकर भी सरकार का रुख स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि सरकार ऐसी वैकल्पिक जगह तलाश रही है, जहां एयरपोर्ट बनने से परिवार प्रभावित न हों। इसके साथ ही मौजूदा मीनांबक्कम एयरपोर्ट पर नया टर्मिनल-5 बनाने का ऐलान भी किया गया है।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>कुल मिलाकर</strong>, मुख्यमंत्री विजय के इन ऐलानों में गरीब परिवारों के लिए मुफ्त LPG, महिलाओं और ट्रांसजेंडर यात्रियों के लिए मुफ्त बस सेवा और एयरपोर्ट को लेकर बड़ा फैसला शामिल है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>बैडमिंटन: इतिहास, नियम और भारत में बढ़ती लोकप्रियता</title>
		<link>https://pulse24news.com/%e0%a4%ac%e0%a5%88%e0%a4%a1%e0%a4%ae%e0%a4%bf%e0%a4%82%e0%a4%9f%e0%a4%a8-%e0%a4%87%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%b8-%e0%a4%a8%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%ae-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%ad/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Virender Singh Negi]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 10 Aug 2026 10:55:48 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[खेल]]></category>
		<category><![CDATA[भारत]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://pulse24news.com/?p=3545</guid>

					<description><![CDATA[बैडमिंटन दुनिया के सबसे लोकप्रिय रैकेट खेलों में से एक है। यह खेल तेज गति, फुर्ती, संतुलन, एकाग्रता और रणनीति का शानदार मेल है। इसे एकल (Singles) और युगल (Doubles) दोनों प्रारूपों में खेला जाता है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस खेल का संचालन बैडमिंटन वर्ल्ड फेडरेशन (BWF) करता है। BWF की स्थापना 5 जुलाई 1934 [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="576" src="https://pulse24news.com/wp-content/uploads/2026/08/image-19-1024x576.png" alt="" class="wp-image-3546" srcset="https://pulse24news.com/wp-content/uploads/2026/08/image-19-1024x576.png 1024w, https://pulse24news.com/wp-content/uploads/2026/08/image-19-300x169.png 300w, https://pulse24news.com/wp-content/uploads/2026/08/image-19-768x432.png 768w, https://pulse24news.com/wp-content/uploads/2026/08/image-19-1536x864.png 1536w, https://pulse24news.com/wp-content/uploads/2026/08/image-19-2048x1152.png 2048w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p class="wp-block-paragraph">बैडमिंटन दुनिया के सबसे लोकप्रिय रैकेट खेलों में से एक है। यह खेल तेज गति, फुर्ती, संतुलन, एकाग्रता और रणनीति का शानदार मेल है। इसे <strong>एकल (Singles)</strong> और <strong>युगल (Doubles)</strong> दोनों प्रारूपों में खेला जाता है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस खेल का संचालन <strong>बैडमिंटन वर्ल्ड फेडरेशन (BWF)</strong> करता है। BWF की स्थापना <strong>5 जुलाई</strong> <strong>1934</strong> को हुई थी।बैडमिंटन की आधुनिक प्रतियोगी परंपरा का विकास <strong>ब्रिटेन</strong> में हुआ, जबकि इससे मिलते-जुलते शटलकॉक वाले खेल एशिया और यूरोप में पहले से खेले जाते थे। समय के साथ इसके नियम व्यवस्थित हुए और यह अंतरराष्ट्रीय खेल बन गया।आज बैडमिंटन दुनिया के प्रमुख खेल आयोजनों का हिस्सा है और <strong>ओलंपिक खेलों</strong> में भी शामिल है। <strong>भारत, चीन</strong>, <strong>इंडोनेशिया, जापान, दक्षिण कोरिया, डेनमार्क</strong> और <strong>मलेशिया</strong> जैसे देशों ने इस खेल में मजबूत पहचान बनाई है।</p>



<h3 class="wp-block-heading">खेल कैसे खेला जाता है?</h3>



<p class="wp-block-paragraph">बैडमिंटन में खिलाड़ी रैकेट की मदद से <strong>शटल कॉक</strong> को नेट के ऊपर से विपक्षी के कोर्ट में पहुंचाते हैं। उद्देश्य यह होता है कि शटल विपक्षी के कोर्ट में गिर जाए या विपक्षी खिलाड़ी ऐसी गलती करे जिससे उसे रैली गंवानी पड़े।BWF के मौजूदा नियमों के अनुसार सामान्य मैच <strong>तीन गेमों में से दो गेम जीतने</strong> वाला खिलाड़ी या जोड़ी जीतती है। प्रत्येक गेम <strong>21</strong> अंकों का होता है। हर रैली जीतने पर एक अंक मिलता है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">एकल और युगल मुकाबलों में सर्विस तथा कोर्ट की व्यवस्था अलग होती है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">20-20 की स्थिति में दो अंकों की बढ़त हासिल करनी होती है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">29-29 होने पर 30वां अंक हासिल करने वाला पक्ष गेम जीतता है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">तीसरे गेम में किसी पक्ष के 11 अंक तक पहुंचने पर कोर्ट बदले जाते हैं।</p>



<p class="wp-block-paragraph">खिलाड़ी की सर्विस उसके स्कोर के अनुसार दाएं या बाएं सर्विस कोर्ट से होती है।</p>



<h3 class="wp-block-heading">भारत में बैडमिंटन</h3>



<p class="wp-block-paragraph">भारत में बैडमिंटन की लोकप्रियता पिछले कुछ दशकों में तेजी से बढ़ी है। Badminton Association of India देश में राष्ट्रीय स्तर पर इस खेल के विकास और प्रतियोगिताओं के आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है भारत ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई बेहतरीन खिलाड़ी दिए हैं। <strong>प्रकाश पादुकोण, पुलेला गोपीचंद, साइना नेहवाल, पी.वी. सिंधु, किदांबी श्रीकांत, लक्ष्य सेन और सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी-चिराग शेट्टी</strong> जैसे खिलाड़ियों ने भारतीय बैडमिंटन को विश्व स्तर पर पहचान दिलाई है।हाल में भारतीय बैडमिंटन में <strong>अश्मिता चालिहा</strong> ने बड़ी उपलब्धि हासिल की। उन्होंने 9 अगस्त 2026 को कोरिया मास्टर्स जीतकर अपना पहला BWF वर्ल्ड टूर खिताब हासिल किया और इस टूर्नामेंट को जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनीं।</p>



<h3 class="wp-block-heading">बैडमिंटन का महत्व</h3>



<p class="wp-block-paragraph">बैडमिंटन केवल प्रतियोगिता का खेल नहीं है, बल्कि यह शारीरिक सक्रियता और मानसिक एकाग्रता बढ़ाने में भी सहायक है। इसमें लगातार गति, दिशा परिवर्तन और प्रतिक्रिया की जरूरत होती है। युवाओं के लिए यह<strong> फिटनेस, अनुशासन, टीम भावना</strong> और <strong>खेल भावना</strong> विकसित करने का अच्छा माध्यम है।बैडमिंटन ने भारत में मनोरंजन के खेल से आगे बढ़कर एक मजबूत प्रतिस्पर्धी खेल का रूप ले लिया है। भारतीय खिलाड़ियों की अंतरराष्ट्रीय सफलताओं और देश में बड़े टूर्नामेंटों के आयोजन से इस खेल की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है। <strong>2026</strong> में <strong>अश्मिता</strong> <strong>चालिहा</strong> की कोरिया मास्टर्स जीत और नई दिल्ली में होने वाली विश्व चैंपियनशिप भारतीय बैडमिंटन के लिए विशेष महत्व रखती है।</p>



<p class="wp-block-paragraph"></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>“खो-खो: भारत की मिट्टी से विश्व मंच तक पहुंचा रोमांचक खेल, जानिए इतिहास, नियम और महत्व</title>
		<link>https://pulse24news.com/%e0%a4%96%e0%a5%8b-%e0%a4%96%e0%a5%8b-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%ae%e0%a4%bf%e0%a4%9f%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%b5%e0%a4%bf/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Virender Singh Negi]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 08 Aug 2026 07:07:05 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[खेल]]></category>
		<category><![CDATA[भारत]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://pulse24news.com/?p=3533</guid>

					<description><![CDATA[खो-खो कैसे खेला जाता है? खो-खो दो टीमों के बीच खेला जाता है। सामान्य प्रारूप में प्रत्येक टीम में 12 खिलाड़ी होते हैं, जिनमें से 9 खिलाड़ी मैदान पर उतरते हैं और बाकी खिलाड़ी रिजर्व रहते हैं। एक टीम चेजर यानी पीछा करने वाली टीम और दूसरी टीम रनर यानी बचने वाली टीम की भूमिका [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="576" src="https://pulse24news.com/wp-content/uploads/2026/08/image-18-1024x576.png" alt="" class="wp-image-3536" srcset="https://pulse24news.com/wp-content/uploads/2026/08/image-18-1024x576.png 1024w, https://pulse24news.com/wp-content/uploads/2026/08/image-18-300x169.png 300w, https://pulse24news.com/wp-content/uploads/2026/08/image-18-768x432.png 768w, https://pulse24news.com/wp-content/uploads/2026/08/image-18.png 1280w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<h1 class="wp-block-heading">खो-खो कैसे खेला जाता है?</h1>



<p class="wp-block-paragraph">खो-खो दो टीमों के बीच खेला जाता है। सामान्य प्रारूप में प्रत्येक टीम में <strong>12 खिलाड़ी</strong> होते हैं, जिनमें से <strong>9 खिलाड़ी मैदान पर उतरते हैं</strong> और बाकी खिलाड़ी रिजर्व रहते हैं। एक टीम चेजर यानी पीछा करने वाली टीम और दूसरी टीम रनर यानी बचने वाली टीम की भूमिका निभाती है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">चेजर का लक्ष्य रनर को छूकर आउट करना होता है। रनर का उद्देश्य मैदान में तेजी से दौड़कर, दिशा बदलकर और विरोधी की रणनीति को समझकर खुद को आउट होने से बचाना होता है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">मैदान के बीच में बैठे चेजर खिलाड़ी बारी-बारी से सक्रिय खिलाड़ी को &#8220;खो&#8221; देकर पीछा करने के लिए भेजते हैं। खेल में सही समय पर खो देना और विपक्षी खिलाड़ी की गति को समझना बेहद महत्वपूर्ण होता है।</p>



<h2 class="wp-block-heading">खेल के प्रमुख नियम</h2>



<p class="wp-block-paragraph">खो-खो के पारंपरिक नियमों में कुछ प्रमुख बातें इस प्रकार हैं—</p>



<ul class="wp-block-list">
<li>प्रत्येक टीम में सामान्यतः <strong>12</strong> खिलाड़ी होते हैं और <strong>9 </strong>खिलाड़ी मैदान पर खेलते हैं।</li>



<li>मैच में पीछा करने और बचाव के अलग-अलग टर्न होते हैं।</li>



<li>चेजर का मुख्य उद्देश्य <strong>रनर</strong> को छूकर आउट करना होता है।</li>



<li>रनर विरोधी खिलाड़ी से बचने के लिए मैदान का कुशलतापूर्वक इस्तेमाल करता है।</li>



<li>चेजर को सही समय और सही खिलाड़ी को <strong>&#8220;खो&#8221; </strong>देना होता है।</li>



<li>खिलाड़ी को नियमों के अनुसार दिशा और मैदान की सीमाओं का पालन करना होता है।</li>



<li>मैच का परिणाम टीम द्वारा बनाए गए अंकों और आउट किए गए खिलाड़ियों के आधार पर तय होता है।</li>
</ul>



<h2 class="wp-block-heading">खो-खो का मैदान</h2>



<p class="wp-block-paragraph">खो-खो का मैदान आयताकार होता है। मैदान के बीच में एक केंद्रीय लेन होती है और दोनों सिरों पर पोल लगाए जाते हैं। मैदान की संरचना ऐसी होती है कि चेजर और रनर दोनों को तेजी से दिशा बदलने तथा रणनीति बनाने का अवसर मिलता है। आधुनिक प्रतियोगिताओं में खेल को मैट और बेहतर खेल सुविधाओं के साथ भी आयोजित किया जा रहा है।खो-खो केवल तेज दौड़ने का खेल नहीं है। इसमें खिलाड़ी को कई शारीरिक और मानसिक गुणों की आवश्यकता होती है।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>गति:</strong> रनर का पीछा करने और उसे आउट करने के लिए तेज गति बेहद जरूरी है।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>चुस्ती-फुर्ती:</strong> अचानक दिशा बदलने और विपक्षी खिलाड़ी की चाल का जवाब देने के लिए अच्छी <strong>agility</strong> जरूरी होती है।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>सहनशक्ति:</strong> लगातार दौड़ने और तेजी से गतिविधियां करने के लिए खिलाड़ी का फिट रहना आवश्यक है।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>रणनीति:</strong> कब पीछा करना है, किस खिलाड़ी को खो देना है और किस दिशा से रनर को घेरना है—इन सभी फैसलों का खेल में बड़ा महत्व है।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>टीमवर्क:</strong> अकेला खिलाड़ी मैच नहीं जिता सकता। पूरी टीम के बीच तालमेल और आपसी समझ बेहद महत्वपूर्ण होती है।</p>



<h2 class="wp-block-heading">भारत से अंतरराष्ट्रीय मंच तक</h2>



<p class="wp-block-paragraph">खो-खो लंबे समय तक भारत के पारंपरिक खेलों तक सीमित रहा, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में इसकी अंतरराष्ट्रीय लोकप्रियता तेजी से बढ़ी है। एशियाई प्रतियोगिताओं के बाद खेल ने आधुनिक और पेशेवर रूप लेना शुरू किया। वर्ष <strong>2018 में इंटरनेशनल खो-खो फेडरेशन</strong> की स्थापना हुई। इसके बाद खेल को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संगठित तरीके से बढ़ावा देने के प्रयास तेज हुए।खो-खो के इतिहास में सबसे महत्वपूर्ण आधुनिक पड़ावों में से एक <strong>पहला खो-खो विश्व कप</strong> रहा। इसका आयोजन <strong>13 से 19 जनवरी 2025 तक नई दिल्ली में</strong> किया गया। इस आयोजन ने भारतीय पारंपरिक खेल को अंतरराष्ट्रीय दर्शकों के सामने बड़े मंच पर पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।</p>



<h2 class="wp-block-heading">प्रोफेशनल खो-खो का बढ़ता दौर</h2>



<p class="wp-block-paragraph">आधुनिक समय में खो-खो को पेशेवर खेल के रूप में विकसित करने पर भी जोर दिया जा रहा है। खेल अब पारंपरिक मिट्टी के मैदान से आगे बढ़कर मैट, बेहतर प्रसारण और आधुनिक प्रतियोगिता प्रारूप तक पहुंच चुका है। 2025 में एक रिपोर्ट में खो-खो की पहुंच 61 देशों तक होने का उल्लेख किया गया था, जो इसकी अंतरराष्ट्रीय लोकप्रियता में वृद्धि को दर्शाता है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">भारत में <strong>अल्टीमेट खो-खो</strong> जैसे पेशेवर आयोजनों ने भी खेल को नई पहचान दिलाने में योगदान दिया है। इससे युवा खिलाड़ियों को अपना कौशल दिखाने और पेशेवर स्तर पर आगे बढ़ने का मंच मिला है।खो-खो आज केवल भारत के गांवों और स्कूलों का पारंपरिक खेल नहीं रह गया है। आधुनिक नियमों,<strong> पेशेवर प्रतियोगिताओं</strong>, बेहतर प्रसारण और <strong>अंतरराष्ट्रीय</strong> आयोजनों के कारण यह तेजी से वैश्विक खेल का रूप ले रहा है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">भारत की खेल <strong>संस्कृति </strong>में अपनी गहरी जड़ों के कारण खो-खो की एक अलग पहचान है। यदि स्कूल स्तर से प्रतिभाओं को बेहतर प्रशिक्षण, सुविधाएं और प्रतियोगिताएं मिलती रहें, तो आने वाले समय में भारत के साथ-साथ दुनिया के कई देशों में खो-खो के खिलाड़ी और प्रशंसक बढ़ सकते हैं।। पारंपरिक खेल से <strong>अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता</strong> तक का इसका सफर भारतीय खेल जगत के लिए गौरव की बात है। आज जरूरत है कि खो-खो को स्कूलों, कॉलेजों और ग्रामीण क्षेत्रों में और अधिक प्रोत्साहित किया जाए, ताकि यह भारतीय विरासत का खेल आने वाले वर्षों में विश्व स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बना सके।</p>



<p class="wp-block-paragraph"></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>🏀 बास्केटबॉल का इतिहास और विकास: जानिए इस खेल की पूरी कहानी</title>
		<link>https://pulse24news.com/%f0%9f%8f%80-%e0%a4%b6%e0%a5%80%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%b7%e0%a4%95-%e0%a4%ac%e0%a4%be%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%95%e0%a5%87%e0%a4%9f%e0%a4%ac%e0%a5%89%e0%a4%b2-%e0%a4%87%e0%a4%a4%e0%a4%bf/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Virender Singh Negi]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 06 Aug 2026 09:54:07 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[खेल]]></category>
		<category><![CDATA[भारत]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://pulse24news.com/?p=3526</guid>

					<description><![CDATA[बास्केटबॉल : दुनिया के सबसे रोमांचक खेलों में से एक बास्केटबॉल दुनिया के सबसे लोकप्रिय और तेज़ गति वाले खेलों में से एक है। यह खेल अपनी रफ्तार, रणनीति, फिटनेस और टीमवर्क के लिए जाना जाता है। आज यह खेल विश्व के लगभग हर देश में खेला जाता है और करोड़ों लोग इसे पसंद करते [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="683" src="https://pulse24news.com/wp-content/uploads/2026/08/image-15-1024x683.png" alt="" class="wp-image-3527" srcset="https://pulse24news.com/wp-content/uploads/2026/08/image-15-1024x683.png 1024w, https://pulse24news.com/wp-content/uploads/2026/08/image-15-300x200.png 300w, https://pulse24news.com/wp-content/uploads/2026/08/image-15-768x512.png 768w, https://pulse24news.com/wp-content/uploads/2026/08/image-15.png 1280w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>बास्केटबॉल : दुनिया के सबसे रोमांचक खेलों में से एक</strong></h3>



<p class="wp-block-paragraph">बास्केटबॉल दुनिया के सबसे लोकप्रिय और तेज़ गति वाले खेलों में से एक है। यह खेल अपनी <strong>रफ्तार, रणनीति, फिटनेस</strong> और<strong> टीमवर्क</strong> के लिए जाना जाता है। आज यह खेल <strong>विश्व </strong>के लगभग हर देश में खेला जाता है और करोड़ों लोग इसे पसंद करते हैं। विद्यालयों से लेकर अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं तक बास्केटबॉल की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है।</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>बास्केटबॉल का इतिहास</strong></h3>



<p class="wp-block-paragraph">बास्केटबॉल का आविष्कार वर्ष <strong>1891</strong> में कनाडा के शारीरिक शिक्षा शिक्षक <strong>James Naismith</strong> ने अमेरिका के मैसाचुसेट्स राज्य के स्प्रिंगफील्ड में किया था। सर्दियों के मौसम में छात्रों को घर के अंदर खेलने योग्य खेल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से उन्होंने इस खेल की शुरुआत की।शुरुआत में दो आड़ू <strong>(Peach)</strong> की टोकरियों को दीवार पर लटकाकर गेंद को उसमें डालने का लक्ष्य रखा गया। धीरे-धीरे इस खेल के नियम विकसित हुए और यह पूरी दुनिया में लोकप्रिय हो गया।</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>खेल का उद्देश्य</strong></h3>



<p class="wp-block-paragraph">बास्केटबॉल का मुख्य उद्देश्य गेंद को विरोधी टीम की टोकरी<strong> (Basket)</strong> में डालकर अधिक से अधिक अंक अर्जित करना होता है। निर्धारित समय समाप्त होने तक जिस टीम के सबसे अधिक अंक होते हैं, वही विजेता घोषित होती है।</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>मैदान और उपकरण</strong></h3>



<ul class="wp-block-list">
<li>बास्केटबॉल कोर्ट आयताकार होता है।</li>



<li>अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कोर्ट का आकार लगभग <strong>28 मीटर × 15 मीटर</strong> होता है।</li>



<li>बास्केट की ऊंचाई जमीन से <strong>10 फीट (3.05 मीटर)</strong> होती है।</li>



<li>खेल में विशेष प्रकार की चमड़े या सिंथेटिक सामग्री से बनी गेंद का उपयोग किया जाता है</li>
</ul>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>खिलाड़ियों की संख्या</strong></h3>



<ul class="wp-block-list">
<li>प्रत्येक टीम में 12 खिलाड़ी होते हैं।</li>



<li>एक समय में कोर्ट पर प्रत्येक टीम के <strong>5 खिलाड़ी</strong> खेलते हैं।</li>



<li>बाकी खिलाड़ी स्थानापन्न (Substitute) के रूप में रहते हैं।</li>
</ul>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>समय अवधि</strong></h3>



<p class="wp-block-paragraph">अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में खेल चार क्वार्टरों में खेला जाता है।</p>



<ul class="wp-block-list">
<li>प्रत्येक क्वार्टर – <strong>10</strong> मिनट</li>



<li>कुल समय – <strong>40</strong> मिनट</li>



<li>बराबरी होने पर अतिरिक्त समय <strong>(Overtime) </strong>दिया जाता है।</li>
</ul>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>अंक प्रणाली</strong></h3>



<ul class="wp-block-list">
<li>सामान्य फील्ड गोल – <strong>2 अंक</strong></li>



<li>तीन अंकों की रेखा के बाहर से शॉट – <strong>3 अंक</strong></li>



<li>फ्री थ्रो – <strong>1 अंक</strong></li>



<li><strong>स्केटबॉल के प्रमुख नियम</strong></li>



<li>खिलाड़ी गेंद को ड्रिब्लिंग करते हुए आगे बढ़ाता है।</li>



<li>गेंद लेकर बिना ड्रिब्लिंग के अधिक कदम चलना फाउल<strong> (Travelling) </strong>माना जाता है।</li>



<li>विरोधी खिलाड़ी को धक्का देना या अवैध संपर्क करना फाउल होता है।</li>



<li>शॉट क्लॉक के भीतर टीम को शॉट लेना अनिवार्य होता है।</li>



<li>गेंद के कोर्ट से बाहर जाने पर विरोधी टीम को कब्जा मिलता है।</li>
</ul>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>प्रमुख प्रतियोगिताएं</strong></h3>



<p class="wp-block-paragraph">बास्केटबॉल की कई प्रतिष्ठित प्रतियोगिताएं आयोजित होती हैं, जिनमें शामिल हैं—</p>



<ul class="wp-block-list">
<li><strong>ओलंपिक खेल</strong></li>



<li><strong>FIBA बास्केटबॉल विश्व कप</strong></li>



<li><strong>एशिया कप</strong></li>



<li>विभिन्न महाद्वीपीय और राष्ट्रीय लीग प्रतियोगिताएं।</li>
</ul>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>भारत में बास्केटबॉल</strong></h3>



<p class="wp-block-paragraph">भारत में बास्केटबॉल का विकास लगातार हो रहा है। स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में इस खेल की लोकप्रियता बढ़ रही है। कई राज्यों में <strong>राष्ट्रीय स्तर</strong> की प्रतियोगिताएं आयोजित होती हैं तथा भारतीय खिलाड़ी <strong>अंतरराष्ट्रीय</strong> प्रतियोगिताओं में भी भाग ले रहे हैं। देश में युवा खिलाड़ियों को आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>बास्केटबॉल खेलने के लाभ</strong></h3>



<ul class="wp-block-list">
<li>शारीरिक फिटनेस बढ़ती है।</li>



<li>हृदय और फेफड़े मजबूत होते हैं।</li>



<li>एकाग्रता और निर्णय लेने की क्षमता विकसित होती है।</li>



<li>टीमवर्क और नेतृत्व कौशल का विकास होता है।</li>



<li>मानसिक तनाव कम होता है।</li>



<li>शरीर की गति, संतुलन और सहनशक्ति में सुधार होता है।</li>
</ul>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>विश्व के प्रसिद्ध बास्केटबॉल खिलाड़ी</strong></h3>



<p class="wp-block-paragraph">बास्केटबॉल के इतिहास में कई महान खिलाड़ियों ने अपनी अमिट छाप छोड़ी है, जिनमें<strong> Michael Jordan, LeBron James, Kobe Bryant</strong> और <strong>Stephen Curry</strong> प्रमुख हैं।बास्केटबॉल केवल एक खेल नहीं, बल्कि अनुशासन, मेहनत, टीम भावना और तेज़ निर्णय क्षमता का उत्कृष्ट उदाहरण है। इसकी बढ़ती लोकप्रियता यह दर्शाती है कि आने वाले वर्षों में यह खेल भारत सहित पूरी दुनिया में और अधिक ऊंचाइयों तक पहुंचेगा। युवा खिलाड़ियों के लिए बास्केटबॉल खेल के साथ-साथ उज्ज्वल करियर बनाने का भी एक महत्वपूर्ण माध्यम बन चुका है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>खेलों का महत्व: स्वस्थ जीवन, अनुशासन और सफलता की पहली सीढ़ी</title>
		<link>https://pulse24news.com/%e0%a4%96%e0%a5%87%e0%a4%b2%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%ae%e0%a4%b9%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b5-%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%a5-%e0%a4%9c%e0%a5%80%e0%a4%b5/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Virender Singh Negi]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 05 Aug 2026 10:55:39 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[खेल]]></category>
		<category><![CDATA[भारत]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://pulse24news.com/?p=3519</guid>

					<description><![CDATA[आज के आधुनिक और तकनीकी युग में जहाँ अधिकांश लोग मोबाइल, कंप्यूटर और इंटरनेट तक सीमित होते जा रहे हैं, वहीं खेलों का महत्व पहले से कहीं अधिक बढ़ गया है। खेल केवल मनोरंजन या समय बिताने का माध्यम नहीं हैं, बल्कि यह शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और बौद्धिक विकास का सशक्त आधार हैं। नियमित रूप [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="536" src="https://pulse24news.com/wp-content/uploads/2026/08/image-13-1024x536.png" alt="" class="wp-image-3520" srcset="https://pulse24news.com/wp-content/uploads/2026/08/image-13-1024x536.png 1024w, https://pulse24news.com/wp-content/uploads/2026/08/image-13-300x157.png 300w, https://pulse24news.com/wp-content/uploads/2026/08/image-13-768x402.png 768w, https://pulse24news.com/wp-content/uploads/2026/08/image-13.png 1200w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p class="wp-block-paragraph">आज के आधुनिक और तकनीकी युग में जहाँ अधिकांश लोग मोबाइल, कंप्यूटर और इंटरनेट तक सीमित होते जा रहे हैं, वहीं खेलों का महत्व पहले से कहीं अधिक बढ़ गया है। खेल केवल मनोरंजन या समय बिताने का माध्यम नहीं हैं, बल्कि यह शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और बौद्धिक विकास का सशक्त आधार हैं। नियमित रूप से खेल खेलने से व्यक्ति स्वस्थ, अनुशासित और आत्मविश्वासी बनता है। यही कारण है कि विद्यालयों, महाविद्यालयों और विभिन्न संस्थानों में खेल गतिविधियों को शिक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है।</p>



<h4 class="wp-block-heading"><strong>शारीरिक स्वास्थ्य के लिए खेल आवश्यक</strong></h4>



<p class="wp-block-paragraph">खेल शरीर को स्वस्थ और चुस्त-दुरुस्त बनाए रखते हैं। नियमित खेलकूद से मांसपेशियाँ मजबूत होती हैं, हृदय और फेफड़ों की कार्यक्षमता बढ़ती है तथा मोटापा, मधुमेह और उच्च रक्तचाप जैसी जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों का जोखिम कम होता है। खेल शरीर की सहनशक्ति, लचीलापन और संतुलन को भी बेहतर बनाते हैं</p>



<h4 class="wp-block-heading"><strong>मानसिक स्वास्थ्य को मिलता है नया बल</strong></h4>



<p class="wp-block-paragraph">खेल मानसिक तनाव को कम करने का प्रभावी माध्यम हैं। खेल खेलने से मन प्रसन्न रहता है, एकाग्रता बढ़ती है और आत्मविश्वास मजबूत होता है। जीत और हार दोनों परिस्थितियों का सामना करने की क्षमता विकसित होती है, जिससे व्यक्ति मानसिक रूप से अधिक परिपक्व बनता है।खेल व्यक्ति को समय का महत्व, अनुशासन, मेहनत और जिम्मेदारी का पाठ पढ़ाते हैं। टीम खेलों में खिलाड़ी सामूहिक रूप से कार्य करना, नेतृत्व करना, दूसरों का सम्मान करना और कठिन परिस्थितियों में सही निर्णय लेना सीखते हैं। यही गुण आगे चलकर जीवन और करियर में सफलता दिलाने में सहायक होते हैं।</p>



<h4 class="wp-block-heading"><strong>शिक्षा और खेल का संतुलन</strong></h4>



<p class="wp-block-paragraph">अब यह धारणा बदल चुकी है कि खेल पढ़ाई में बाधा बनते हैं। अनेक शोध बताते हैं कि नियमित खेल गतिविधियों में भाग लेने वाले विद्यार्थियों की एकाग्रता, स्मरण शक्ति और समय प्रबंधन बेहतर होता है। नई शिक्षा नीति भी विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए खेलों को महत्वपूर्ण मानती है।</p>



<h4 class="wp-block-heading"><strong>रोजगार और करियर के नए अवसर</strong></h4>



<p class="wp-block-paragraph">आज खेल केवल शौक नहीं, बल्कि एक सम्मानजनक करियर भी बन चुके हैं। क्रिकेट, हॉकी, फुटबॉल, कबड्डी, एथलेटिक्स, बैडमिंटन, मुक्केबाजी, कुश्ती और अन्य खेलों में खिलाड़ी राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। इसके अलावा कोच, फिटनेस ट्रेनर, फिजियोथेरेपिस्ट, स्पोर्ट्स मैनेजर, खेल पत्रकार और खेल विश्लेषक जैसे अनेक रोजगार के अवसर भी उपलब्ध हैं।</p>



<h4 class="wp-block-heading"><strong>राष्ट्र निर्माण में खेलों की भूमिका</strong></h4>



<p class="wp-block-paragraph">जब कोई खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में देश के लिए पदक जीतता है, तो वह पूरे राष्ट्र का गौरव बढ़ाता है। खेल राष्ट्रीय एकता, भाईचारे और देशभक्ति की भावना को मजबूत करते हैं। ओलंपिक, एशियाई खेल, राष्ट्रमंडल खेल और विश्व कप जैसे आयोजन देश की प्रतिष्ठा को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाते हैं।</p>



<h4 class="wp-block-heading"><strong>युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा</strong></h4>



<p class="wp-block-paragraph">खेल युवाओं को नशे, तनाव और नकारात्मक गतिविधियों से दूर रखते हैं। खेलों के माध्यम से युवा स्वस्थ जीवनशैली अपनाते हैं, लक्ष्य निर्धारित करना सीखते हैं और कठिन परिश्रम के महत्व को समझते हैं। इससे उनमें आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच का विकास होता है।खेल जीवन का अभिन्न अंग हैं। वे केवल शरीर को स्वस्थ नहीं रखते, बल्कि व्यक्तित्व का निर्माण करते हैं, मानसिक मजबूती प्रदान करते हैं, सामाजिक मूल्यों को विकसित करते हैं और देश को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सम्मान दिलाते हैं। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति, विशेषकर बच्चों और युवाओं को प्रतिदिन किसी न किसी खेल में भाग लेना चाहिए। स्वस्थ शरीर, सशक्त मन और सफल जीवन की दिशा में खेल सबसे प्रभावी साधनों में से एक हैं।</p>



<p class="wp-block-paragraph"></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>जयपुर करणी सेना रैली: प्रदर्शनकारी की मौत, संगठन ने पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल</title>
		<link>https://pulse24news.com/%e0%a4%9c%e0%a4%af%e0%a4%aa%e0%a5%81%e0%a4%b0-%e0%a4%95%e0%a4%b0%e0%a4%a3%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a5%87%e0%a4%a8%e0%a4%be-%e0%a4%b0%e0%a5%88%e0%a4%b2%e0%a5%80-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%a6/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Ratna Priya]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 05 Aug 2026 09:59:28 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[भारत]]></category>
		<category><![CDATA[राजस्थान]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[लेटेस्ट न्यूज़]]></category>
		<category><![CDATA[devraj singh]]></category>
		<category><![CDATA[latest news]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://pulse24news.com/?p=3514</guid>

					<description><![CDATA[जयपुर में यूजीसी रेगुलेशंस 2026 के विरोध में आयोजित करणी सेना की रैली के बाद एक प्रदर्शनकारी की मौत का मामला सामने आया है। करणी सेना ने आरोप लगाया है कि पुलिस कार्रवाई के दौरान हुए घटनाक्रम के कारण प्रदर्शनकारी की जान गई, जबकि पुलिस की ओर से मौत के वास्तविक कारण की आधिकारिक पुष्टि [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p class="wp-block-paragraph">जयपुर में यूजीसी रेगुलेशंस 2026 के विरोध में आयोजित करणी सेना की रैली के बाद एक प्रदर्शनकारी की मौत का मामला सामने आया है। करणी सेना ने आरोप लगाया है कि पुलिस कार्रवाई के दौरान हुए घटनाक्रम के कारण प्रदर्शनकारी की जान गई, जबकि पुलिस की ओर से मौत के वास्तविक कारण की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं की गई है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">सोमवार को करणी सेना की ओर से यूजीसी रेगुलेशंस 2026 को वापस लेने समेत कई मांगों को लेकर जयपुर में विरोध प्रदर्शन किया गया था। प्रदर्शन के दौरान कालवाड़ रोड सहित कई इलाकों में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव की स्थिति बनी।</p>



<figure class="wp-block-image size-full is-resized"><img loading="lazy" decoding="async" width="301" height="351" src="https://pulse24news.com/wp-content/uploads/2026/08/HO3kBYNbYAAVYtN-1.jpg" alt="" class="wp-image-3516" style="width:840px;height:auto" srcset="https://pulse24news.com/wp-content/uploads/2026/08/HO3kBYNbYAAVYtN-1.jpg 301w, https://pulse24news.com/wp-content/uploads/2026/08/HO3kBYNbYAAVYtN-1-257x300.jpg 257w" sizes="auto, (max-width: 301px) 100vw, 301px" /></figure>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>इलाज के दौरान हुई मौत</strong></p>



<p class="wp-block-paragraph">करणी सेना के नेताओं के मुताबिक, मृतक की पहचान डीडवाना-कुचामन जिले के पलाड़ा निवासी देवराज सिंह के रूप में हुई है। संगठन का कहना है कि प्रदर्शन के दौरान उनकी तबीयत बिगड़ गई थी, जिसके बाद उन्हें निजी अस्पताल ले जाया गया। हालत गंभीर होने पर उन्हें जयपुर के एसएमएस अस्पताल रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।</p>



<p class="wp-block-paragraph">करणी सेना अध्यक्ष महिपाल सिंह मकराना ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आरोप लगाया कि पुलिस द्वारा वाटर कैनन के इस्तेमाल के दौरान देवराज सिंह घायल हुए थे। उन्होंने दावा किया कि कालवाड़ रोड पर वाटर कैनन का तेज दबाव उनके सीने पर लगा, जिसके बाद उनकी तबीयत खराब हुई।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>पुलिस ने नहीं की मौत के कारण की पुष्टि</strong></p>



<p class="wp-block-paragraph">पुलिस अधिकारियों ने अभी तक देवराज सिंह की मौत के कारण को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। प्रदर्शन के दौरान भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया था। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिसकर्मियों के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति भी सामने आई थी।</p>



<p class="wp-block-paragraph">रैली समाप्त होने के बाद प्रदर्शनकारी कलेक्ट्रेट सर्किल पहुंचे, जहां कुछ समय के लिए सड़क जाम भी किया गया। बाद में प्रदर्शनकारियों को वहां से हटा दिया गया।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>राष्ट्रमंडल खेल 2026: पदक तालिका में ऑस्ट्रेलिया शीर्ष पर, भारत ने 39 पदकों के साथ चौथा स्थान किया हासिल</title>
		<link>https://pulse24news.com/%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%b7%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%ae%e0%a4%82%e0%a4%a1%e0%a4%b2-%e0%a4%96%e0%a5%87%e0%a4%b2-2026-%e0%a4%aa%e0%a4%a6%e0%a4%95-%e0%a4%a4%e0%a4%be%e0%a4%b2%e0%a4%bf/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Virender Singh Negi]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 03 Aug 2026 05:54:48 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[खेल]]></category>
		<category><![CDATA[भारत]]></category>
		<category><![CDATA[लेटेस्ट न्यूज़]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://pulse24news.com/?p=3503</guid>

					<description><![CDATA[ग्लासगो, 3 अगस्त 2026। राष्ट्रमंडल खेल 2026 (Commonwealth Games 2026) का समापन 2 अगस्त को स्कॉटलैंड के ग्लासगो में भव्य समापन समारोह के साथ हुआ। 23 जुलाई से शुरू हुए इन खेलों में 74 देशों के खिलाड़ियों ने 10 खेलों की 215 स्पर्धाओं में भाग लिया। ऑस्ट्रेलिया ने एक बार फिर शानदार प्रदर्शन करते हुए [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<figure class="wp-block-image size-full is-resized"><img loading="lazy" decoding="async" width="750" height="375" src="https://pulse24news.com/wp-content/uploads/2026/08/image-9.png" alt="" class="wp-image-3504" style="width:838px;height:auto" srcset="https://pulse24news.com/wp-content/uploads/2026/08/image-9.png 750w, https://pulse24news.com/wp-content/uploads/2026/08/image-9-300x150.png 300w" sizes="auto, (max-width: 750px) 100vw, 750px" /></figure>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>ग्लासगो, 3 अगस्त 2026।</strong> राष्ट्रमंडल खेल 2026<strong> (Commonwealth Games 2026) </strong>का समापन 2 अगस्त को स्कॉटलैंड के ग्लासगो में भव्य समापन समारोह के साथ हुआ। 23 जुलाई से शुरू हुए इन खेलों में 74 देशों के खिलाड़ियों ने <strong>10 </strong>खेलों की<strong> 215</strong> स्पर्धाओं में भाग लिया। ऑस्ट्रेलिया ने एक बार फिर शानदार प्रदर्शन करते हुए पदक तालिका में पहला स्थान हासिल किया, जबकि भारत ने<strong> 13 स्वर्ण, 17 रजत और 9 कांस्य </strong>सहित कुल <strong>39</strong> पदक जीतकर<strong> चौथे स्थान </strong>पर अपने अभियान का समापन किया</p>



<h2 class="wp-block-heading">भारत का प्रदर्शन</h2>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>भारत ने राष्ट्रमंडल खेल 2026</strong> में कुल <strong>39 पदक</strong> जीतकर चौथा स्थान प्राप्त किया। भारतीय खिलाड़ियों ने <strong>मुक्केबाजी, एथलेटिक्स</strong>,<strong> पैरा एथलेटिक्स, भारोत्तोलन और जूडो </strong>में उल्लेखनीय प्रदर्शन किया। मुक्केबाजी भारत का सबसे सफल खेल रहा, जिसमें सर्वाधिक स्वर्ण पदक मिले। भारतीय एथलीट <strong>गुलवीर सिंह</strong> दो पदक जीतने वाले एकमात्र भारतीय खिलाड़ी रहे भारतीय दल के प्रदर्शन की देशभर में सराहना हुई। </p>



<h2 class="wp-block-heading">ऑस्ट्रेलिया का दबदबा</h2>



<p class="wp-block-paragraph">ऑस्ट्रेलिया ने पूरे टूर्नामेंट में अपना दबदबा बनाए रखा। टीम ने <strong>70 स्वर्ण</strong>, <strong>45 रजत</strong> और <strong>55 कांस्य</strong> सहित कुल <strong>170 पदक</strong> जीतकर लगातार श्रेष्ठ प्रदर्शन किया। तै<strong>राकी, साइक्लिंग और एथलेटिक्स</strong> में ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अन्य देशों को पीछे छोड़ दिया</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="576" src="https://pulse24news.com/wp-content/uploads/2026/08/image-12-1024x576.png" alt="" class="wp-image-3507" srcset="https://pulse24news.com/wp-content/uploads/2026/08/image-12-1024x576.png 1024w, https://pulse24news.com/wp-content/uploads/2026/08/image-12-300x169.png 300w, https://pulse24news.com/wp-content/uploads/2026/08/image-12-768x432.png 768w, https://pulse24news.com/wp-content/uploads/2026/08/image-12.png 1280w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<h2 class="wp-block-heading">समापन समारोह की प्रमुख झलकियां</h2>



<p class="wp-block-paragraph">ग्लासगो में आयोजित समापन समारोह स्कॉटिश संस्कृति, संगीत और रंगारंग प्रस्तुतियों से भरपूर रहा। समारोह के दौरान राष्ट्रमंडल खेल महासंघ ने खिलाड़ियों, स्वयंसेवकों और आयोजकों का आभार व्यक्त किया। इसी अवसर पर वर्ष <strong>2030 के राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी भारत के अहमदाबाद</strong> को औपचारिक रूप से सौंपी गई, जिससे <strong>भारत </strong>के लिए यह एक ऐतिहासिक क्षण बन गया।राष्ट्रमंडल खेल 2026 में भारत ने सीमित खेलों के बावजूद प्रभावशाली प्रदर्शन करते हुए चौथा स्थान हासिल किया। <strong>मुक्केबाजी, भारोत्तोलन और एथलेटिक्स</strong> में मिली सफलताओं ने यह संकेत दिया कि <strong>भारतीय खिलाड़ी </strong>आगामी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं और 2030 अहमदाबाद राष्ट्रमंडल खेलों के लिए मजबूत दावेदारी पेश करने की क्षमता रखते हैं।</p>



<h3 class="wp-block-heading">राष्ट्रमंडल खेल 2026 की अंतिम पदक तालिका</h3>



<figure class="wp-block-table"><table class="has-fixed-layout"><thead><tr><th>रैंक</th><th>देश</th><th>स्वर्ण</th><th>रजत</th><th>कांस्य</th><th>कुल</th></tr></thead><tbody><tr><td>1</td><td>ऑस्ट्रेलिया</td><td>70</td><td>45</td><td>55</td><td>170</td></tr><tr><td>2</td><td>इंग्लैंड</td><td>29</td><td>45</td><td>36</td><td>110</td></tr><tr><td>3</td><td>कनाडा</td><td>19</td><td>20</td><td>23</td><td>62</td></tr><tr><td>4</td><td>भारत</td><td>13</td><td>17</td><td>9</td><td>39</td></tr><tr><td>5</td><td>स्कॉटलैंड</td><td>13</td><td>9</td><td>17</td><td>39</td></tr><tr><td>6</td><td>न्यूज़ीलैंड</td><td>10</td><td>14</td><td>12</td><td>36</td></tr></tbody></table></figure>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>
