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	<title>DUSSHERA &#8211; Pulse 24 News</title>
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		<title>नेपाल में दशैं की धूम: 15 दिनों तक मनाया जाता है पर्व, विजयादशमी पर लगाया जाता है टीका-जमरा</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Ratna Priya]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 20 Oct 2026 08:47:36 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[लेटेस्ट न्यूज़]]></category>
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					<description><![CDATA[नेपाल का सबसे बड़ा धार्मिक और सांस्कृतिक त्योहार दशैं, मां दुर्गा की आराधना, पारिवारिक मिलन और बड़ों के आशीर्वाद का प्रतीक है। जानिए नेपाल में दशहरा कैसे मनाया जाता है और क्या हैं इसकी खास परंपराएं। नेपाल में दशैं (Dashain) सबसे प्रमुख हिंदू त्योहारों में से एक है। भारत में जिस पर्व को नवरात्रि और [&#8230;]]]></description>
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<p class="wp-block-paragraph">नेपाल का सबसे बड़ा धार्मिक और सांस्कृतिक त्योहार दशैं, मां दुर्गा की आराधना, पारिवारिक मिलन और बड़ों के आशीर्वाद का प्रतीक है। <em>जानिए नेपाल में दशहरा कैसे मनाया जाता है और क्या हैं इसकी खास परंपराएं।</em></p>



<p class="wp-block-paragraph">नेपाल में दशैं (Dashain) सबसे प्रमुख हिंदू त्योहारों में से एक है। भारत में जिस पर्व को नवरात्रि और दशहरा के रूप में मनाया जाता है, नेपाल में उसी से जुड़ी धार्मिक मान्यताओं और स्थानीय परंपराओं के साथ दशैं का उत्सव मनाया जाता है। यह त्योहार मां दुर्गा की शक्ति, बुराई पर अच्छाई की जीत और परिवार के साथ मिलकर खुशियां बांटने का संदेश देता है।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>15 दिनों तक चलता है दशैं का उत्सव</strong></p>



<p class="wp-block-paragraph">नेपाल में दशैं आमतौर पर सितंबर या अक्टूबर में मनाया जाता है। यह पर्व आश्विन महीने के शुक्ल पक्ष में शुरू होकर पूर्णिमा तक चलता है। हालांकि, पहले, सातवें, आठवें, नौवें, दसवें और पंद्रहवें दिन का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है।त्योहार के दौरान नेपाल में परिवार के लोग दूर-दराज के इलाकों और विदेशों से भी अपने घर लौटते हैं। लोग नए कपड़े पहनते हैं, घरों की सफाई करते हैं, पूजा-अर्चना करते हैं और परिवार के साथ समय बिताते हैं। दशैं के अवसर पर नेपाल में सरकारी कार्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों में भी अवकाश रहता है।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>मां दुर्गा की पूजा से होती है शुरुआत</strong></p>



<p class="wp-block-paragraph">दशैं की शुरुआत घटस्थापना से होती है। इस दिन घरों और पूजा स्थलों पर कलश स्थापित किया जाता है और जौ के बीज बोए जाते हैं। इन बीजों से निकलने वाले पीले अंकुरों को जमरा कहा जाता है, जिसे दशमी के दिन आशीर्वाद के रूप में इस्तेमाल किया जाता है।दशैं के दौरान मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की पूजा की जाती है। महा अष्टमी और महा नवमी के दिन विशेष पूजा-अर्चना होती है। कई स्थानों पर पारंपरिक धार्मिक अनुष्ठान और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते हैं।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>विजयादशमी पर टीका और जमरा की परंपरा</strong></p>



<p class="wp-block-paragraph">दशैं का सबसे महत्वपूर्ण दिन विजयादशमी यानी दशमी माना जाता है। इस दिन परिवार के बड़े सदस्य अपने से छोटों के माथे पर लाल टीका लगाते हैं और उनके सिर पर जमरा रखते हैं। साथ ही सुख, समृद्धि, स्वास्थ्य और सफलता की कामना करते हुए आशीर्वाद देते हैं।इस परंपरा में चावल, दही और सिंदूर से तैयार टीका का विशेष महत्व है। परिवार के लोग एक-दूसरे से मिलते हैं और रिश्तों को मजबूत बनाने का प्रयास करते हैं। नेपाल में दशैं के दौरान यह दृश्य घर-घर में देखने को मिलता है।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>नेवार समुदाय में दशैं को कहते हैं मोहनी</strong></p>



<p class="wp-block-paragraph">नेपाल की काठमांडू घाटी में रहने वाले नेवार समुदाय के बीच दशैं को मोहनी के नाम से भी जाना जाता है। यहां त्योहार की अपनी विशेष सांस्कृतिक परंपराएं हैं। घटस्थापना, महा अष्टमी, महा नवमी और दशमी के दौरान देवी की पूजा के साथ विभिन्न सामुदायिक अनुष्ठान आयोजित किए जाते हैं।नेवार समुदाय में पारिवारिक भोज, जिसे स्थानीय भाषा में ‘नख्त्या’ कहा जाता है, और देवी-देवताओं की धार्मिक यात्राएं यानी ‘जात्रा’ भी इस पर्व का अहम हिस्सा हैं।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>नेपाल की संस्कृति और पारिवारिक एकता का प्रतीक है दशैं</strong></p>



<p class="wp-block-paragraph">दशैं केवल धार्मिक त्योहार नहीं, बल्कि नेपाल की सांस्कृतिक पहचान और सामाजिक एकता का भी प्रतीक है। इस अवसर पर लोग पुराने मतभेद भुलाकर एक-दूसरे से मिलते हैं और परिवार तथा समाज के साथ अपने संबंधों को मजबूत करते हैं।नेपाल के अलावा भारत में रहने वाले नेपाली समुदाय, भूटान के लोत्साम्पा और म्यांमार के कुछ गोरखा समुदायों में भी दशैं मनाया जाता है। विदेशों में रहने वाले नेपाली मूल के लोग भी इस त्योहार के जरिए अपनी परंपराओं और संस्कृति से जुड़े रहते हैं।</p>



<p class="wp-block-paragraph">नेपाल का दशैं त्योहार धार्मिक आस्था, मां दुर्गा की आराधना, पारिवारिक मिलन और बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश देता है। टीका-जमरा की परंपरा और बड़ों का आशीर्वाद इसे खास बनाते हैं। यही वजह है कि दशैं नेपाल के सबसे महत्वपूर्ण और व्यापक रूप से मनाए जाने वाले त्योहारों में शामिल है।</p>



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