
UPI यानी Unified Payments Interface को लेकर देश में एक बार फिर सियासी बहस तेज हो गई है। केंद्र सरकार की ओर से किए गए ताजा नियामकीय बदलाव के बाद अब ₹2,000 से ज्यादा के कुछ UPI मर्चेंट ट्रांजेक्शन पर शुल्क लगाए जाने की संभावना जताई जा रही है। इसी मुद्दे को लेकर कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर बड़ा हमला बोला ।
राहुल गांधी ने आरोप लगाया है कि सरकार ने चुपचाप UPI पर फीस लगाने का रास्ता खोल दिया है। उनके मुताबिक, ₹2,000 से ज्यादा के मर्चेंट UPI ट्रांजेक्शन पर MDR यानी Merchant Discount Rate लगाया जा सकता है। राहुल का दावा है कि संख्या के लिहाज से ऐसे ट्रांजेक्शन करीब 5 फीसदी हो सकते हैं, लेकिन UPI की कुल ट्रांजेक्शन वैल्यू में इनका हिस्सा लगभग 65 फीसदी है।
राहुल गांधी ने यह भी आरोप लगाया कि अमेरिकी पेमेंट कंपनियां लंबे समय से भारत की जीरो-MDR नीति का विरोध करती रही हैं। उन्होंने केंद्र सरकार पर अमेरिकी दबाव में काम करने का आरोप लगाते हुए इसे भारत-अमेरिका ट्रेड डील से भी जोड़ दिया। राहुल का कहना है कि अगर व्यापारियों पर कोई शुल्क लगाया जाता है, तो उसका असर आखिरकार ग्राहकों पर ही पड़ सकता है, क्योंकि दुकानदार अपनी लागत बढ़ने के बाद कीमतों में उसका भार जोड़ सकते हैं।
क्या है नया UPI नियम?
14 सितंबर 2026 को किए गए बदलाव के तहत ₹2,000 तक के UPI लेन-देन पर शुल्क लगाने से सुरक्षा बरकरार रखी गई है। वहीं ₹2,000 से अधिक के लेन-देन पर शुल्क लगाए जाने की संभावना का रास्ता खुला है। हालांकि, फिलहाल यह कहना सही नहीं होगा कि हर ₹2,000 से ऊपर के UPI भुगतान पर निश्चित रूप से चार्ज लगेगा। शुल्क की दर और इसे किस तरह लागू किया जाएगा, इस पर अंतिम फैसला अभी बाकी है।
रिपोर्टों के मुताबिक, सरकार, बैंक और पेमेंट कंपनियां बड़े UPI मर्चेंट ट्रांजेक्शन पर संभावित शुल्क को लेकर चर्चा कर रही हैं। एक प्रस्ताव में करीब 0.4 फीसदी शुल्क की बात सामने आई है, लेकिन यह अंतिम दर नहीं है। साथ ही, व्यक्ति से व्यक्ति यानी P2P ट्रांजेक्शन को फिलहाल शुल्क से बाहर रखने की बात कही जा रही है।
ऐसे में UPI यूजर्स की नजर अब सरकार के अगले फैसले पर है। बड़ा सवाल यही है कि क्या ₹2,000 से ऊपर के डिजिटल भुगतान पर वास्तव में MDR लागू होगा और अगर होगा, तो उसका बोझ व्यापारी, पेमेंट कंपनियां या किसी अप्रत्यक्ष तरीके से ग्राहक—किस पर पड़ेगा।

