गाजियाबाद के हिंडन एयरफोर्स स्टेशन पर बुधवार को भारतीय वायुसेना का 94वां स्थापना दिवस समारोह पूरे उत्साह और गरिमापूर्ण माहौल में मनाया गया। इस खास मौके पर वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह समारोह में शामिल हुए और उन्होंने परेड का निरीक्षण करने के साथ जवानों की सलामी भी ली। समारोह की शुरुआत भव्य परेड से हुई, जिसमें वायुसेना के जवानों ने अनुशासन और जोश के साथ कदमताल किया। कार्यक्रम के दौरान भारतीय वायुसेना की सैन्य क्षमता, आधुनिक तकनीक और स्वदेशी रक्षा संसाधनों की झलक भी देखने को मिली।

वायुसेना प्रमुख ने किया परेड का निरीक्षण
वायुसेना दिवस समारोह के दौरान एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने हिंडन एयरबेस पर आयोजित मुख्य परेड का निरीक्षण किया। परेड में भारतीय वायुसेना के जवानों ने पूरे अनुशासन और उत्साह के साथ हिस्सा लिया। वायुसेना प्रमुख ने परेड की सलामी ली और उत्कृष्ट कार्य करने वाले जवानों को सम्मानित भी किया। समारोह में वायुसेना की विभिन्न गतिविधियों और सैन्य क्षमताओं को प्रदर्शित किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में अधिकारी और वायुसेना के जवान मौजूद रहे। स्थापना दिवस के मौके पर आयोजित इस कार्यक्रम में भारतीय वायुसेना की परंपरा, शौर्य और आधुनिक सैन्य क्षमता का प्रदर्शन किया गया।

पहली बार ब्रह्मोस मिसाइल के साथ दिखे स्वदेशी विमान
हिंडन एयरबेस पर इस बार लड़ाकू विमानों और अत्याधुनिक हथियारों की विशेष प्रदर्शनी भी लगाई गई। इस प्रदर्शनी की खास बात यह रही कि पहली बार ब्रह्मोस मिसाइल को भी समारोह का हिस्सा बनाया गया। इसके साथ स्वदेशी लड़ाकू विमान तेजस, आकाश और हेलीकॉप्टर ध्रुव को भी प्रदर्शित किया गया। प्रदर्शनी के जरिए भारतीय वायुसेना में स्वदेशी तकनीक और रक्षा उपकरणों की बढ़ती भूमिका को प्रमुखता से सामने रखा गया। ब्रह्मोस के साथ स्वदेशी प्लेटफॉर्म की मौजूदगी ने समारोह को और खास बना दिया और भारत की बढ़ती रक्षा क्षमताओं की झलक पेश की।

हिंडन एयरबेस में दिखी वायुसेना की ताकत
भारतीय वायुसेना के 94वें स्थापना दिवस समारोह ने देश की वायु शक्ति और सैन्य तैयारियों को प्रदर्शित करने का अवसर दिया। हिंडन एयरबेस परिसर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विमानों, हथियारों और सैन्य संसाधनों को प्रदर्शनी के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। तेजस, आकाश और ध्रुव जैसे स्वदेशी प्लेटफॉर्म के साथ ब्रह्मोस मिसाइल की मौजूदगी ने समारोह में स्वदेशी रक्षा तकनीक के महत्व को रेखांकित किया। परेड, सैन्य उपकरणों की प्रदर्शनी और वायुसेना के जवानों के अनुशासित प्रदर्शन ने स्थापना दिवस समारोह को भव्य और खास बना दिया।

