बैडमिंटन: इतिहास, नियम और भारत में बढ़ती लोकप्रियता

खेल भारत

बैडमिंटन दुनिया के सबसे लोकप्रिय रैकेट खेलों में से एक है। यह खेल तेज गति, फुर्ती, संतुलन, एकाग्रता और रणनीति का शानदार मेल है। इसे एकल (Singles) और युगल (Doubles) दोनों प्रारूपों में खेला जाता है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस खेल का संचालन बैडमिंटन वर्ल्ड फेडरेशन (BWF) करता है। BWF की स्थापना 5 जुलाई 1934 को हुई थी।बैडमिंटन की आधुनिक प्रतियोगी परंपरा का विकास ब्रिटेन में हुआ, जबकि इससे मिलते-जुलते शटलकॉक वाले खेल एशिया और यूरोप में पहले से खेले जाते थे। समय के साथ इसके नियम व्यवस्थित हुए और यह अंतरराष्ट्रीय खेल बन गया।आज बैडमिंटन दुनिया के प्रमुख खेल आयोजनों का हिस्सा है और ओलंपिक खेलों में भी शामिल है। भारत, चीन, इंडोनेशिया, जापान, दक्षिण कोरिया, डेनमार्क और मलेशिया जैसे देशों ने इस खेल में मजबूत पहचान बनाई है।

खेल कैसे खेला जाता है?

बैडमिंटन में खिलाड़ी रैकेट की मदद से शटल कॉक को नेट के ऊपर से विपक्षी के कोर्ट में पहुंचाते हैं। उद्देश्य यह होता है कि शटल विपक्षी के कोर्ट में गिर जाए या विपक्षी खिलाड़ी ऐसी गलती करे जिससे उसे रैली गंवानी पड़े।BWF के मौजूदा नियमों के अनुसार सामान्य मैच तीन गेमों में से दो गेम जीतने वाला खिलाड़ी या जोड़ी जीतती है। प्रत्येक गेम 21 अंकों का होता है। हर रैली जीतने पर एक अंक मिलता है।

एकल और युगल मुकाबलों में सर्विस तथा कोर्ट की व्यवस्था अलग होती है।

20-20 की स्थिति में दो अंकों की बढ़त हासिल करनी होती है।

29-29 होने पर 30वां अंक हासिल करने वाला पक्ष गेम जीतता है।

तीसरे गेम में किसी पक्ष के 11 अंक तक पहुंचने पर कोर्ट बदले जाते हैं।

खिलाड़ी की सर्विस उसके स्कोर के अनुसार दाएं या बाएं सर्विस कोर्ट से होती है।

भारत में बैडमिंटन

भारत में बैडमिंटन की लोकप्रियता पिछले कुछ दशकों में तेजी से बढ़ी है। Badminton Association of India देश में राष्ट्रीय स्तर पर इस खेल के विकास और प्रतियोगिताओं के आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है भारत ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई बेहतरीन खिलाड़ी दिए हैं। प्रकाश पादुकोण, पुलेला गोपीचंद, साइना नेहवाल, पी.वी. सिंधु, किदांबी श्रीकांत, लक्ष्य सेन और सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी-चिराग शेट्टी जैसे खिलाड़ियों ने भारतीय बैडमिंटन को विश्व स्तर पर पहचान दिलाई है।हाल में भारतीय बैडमिंटन में अश्मिता चालिहा ने बड़ी उपलब्धि हासिल की। उन्होंने 9 अगस्त 2026 को कोरिया मास्टर्स जीतकर अपना पहला BWF वर्ल्ड टूर खिताब हासिल किया और इस टूर्नामेंट को जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनीं।

बैडमिंटन का महत्व

बैडमिंटन केवल प्रतियोगिता का खेल नहीं है, बल्कि यह शारीरिक सक्रियता और मानसिक एकाग्रता बढ़ाने में भी सहायक है। इसमें लगातार गति, दिशा परिवर्तन और प्रतिक्रिया की जरूरत होती है। युवाओं के लिए यह फिटनेस, अनुशासन, टीम भावना और खेल भावना विकसित करने का अच्छा माध्यम है।बैडमिंटन ने भारत में मनोरंजन के खेल से आगे बढ़कर एक मजबूत प्रतिस्पर्धी खेल का रूप ले लिया है। भारतीय खिलाड़ियों की अंतरराष्ट्रीय सफलताओं और देश में बड़े टूर्नामेंटों के आयोजन से इस खेल की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है। 2026 में अश्मिता चालिहा की कोरिया मास्टर्स जीत और नई दिल्ली में होने वाली विश्व चैंपियनशिप भारतीय बैडमिंटन के लिए विशेष महत्व रखती है।