Jio Platforms IPO: आज आवेदन का आखिरी मौका, लिस्टिंग पर बेचें या लंबे समय तक रखें शेयर? जानें एक्सपर्ट की राय

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रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल और टेलीकॉम कंपनी Jio Platforms के आईपीओ में आवेदन करने का आज, 23 अक्टूबर 2026, आखिरी दिन है।इस आईपीओ को लेकर निवेशकों में काफी दिलचस्पी है। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि अगर शेयर अलॉट हो जाते हैं, तो लिस्टिंग के दिन मुनाफा लेकर निकलना बेहतर होगा या लंबी अवधि के लिए निवेश बनाए रखना चाहिए? एक्सपर्ट की राय और कंपनी के कारोबारी आंकड़ों से समझिए।

Jio Platforms IPO: आज कितने बजे तक कर सकते हैं आवेदन?

जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ 21 अक्टूबर को खुला था और 23 अक्टूबर को बंद हो रहा है। निवेशक निर्धारित समयसीमा के भीतर आवेदन कर सकते हैं। एनएसई के मुताबिक, आईपीओ के आखिरी दिन बोली लगाने का समय शाम 7 बजे तक है, जबकि UPI मैंडेट की मंजूरी शाम 7 बजे तक दी जा सकती है। आवेदन करने से पहले अपने ब्रोकर या बैंक के प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध समयसीमा जरूर जांच लें।

आईपीओ से जुड़ी प्रमुख जानकारियां इस प्रकार हैं:

  • कुल इश्यू साइज: ₹30,213 करोड़
  • प्राइस बैंड: ₹1,065 से ₹1,119 प्रति शेयर
  • न्यूनतम लॉट: 12 शेयर
  • न्यूनतम निवेश: ₹13,428
  • आवंटन की संभावित तारीख: 26 अक्टूबर 2026
  • लिस्टिंग की संभावित तारीख: 28 अक्टूबर 2026

GMP से लिस्टिंग पर कितने मुनाफे के संकेत?

ग्रे मार्केट प्रीमियम यानी GMP को लेकर निवेशकों की खास दिलचस्पी है। 23 अक्टूबर को आजतक की रिपोर्ट के अनुसार, ग्रे मार्केट में करीब 21 प्रतिशत संभावित लिस्टिंग गेन के संकेत मिल रहे थे। हालांकि, GMP अनौपचारिक बाजार का संकेतक है और इसमें तेजी से बदलाव हो सकता है।ध्यान देने वाली बात यह है कि GMP के आधार पर लिस्टिंग प्राइस या मुनाफे की गारंटी नहीं मिलती। वास्तविक शेयर कीमत बाजार की परिस्थितियों, निवेशकों की मांग और लिस्टिंग के समय के कारोबार पर निर्भर करेगी।

लिस्टिंग पर बेचें या लंबे समय तक रखें शेयर?

SEBI में रजिस्टर्ड इन्वेस्टमेंट एडवाइजर और Nyvo Money के संस्थापक हर्ष सोनी के मुताबिक, जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ में निवेश का फैसला केवल लिस्टिंग के दिन मिलने वाले संभावित मुनाफे के आधार पर नहीं करना चाहिए।उनकी राय में, लंबी अवधि के निवेशकों को कंपनी की कमाई बढ़ाने की क्षमता, कारोबार के विस्तार, वैल्यूएशन और वित्तीय स्थिति को ध्यान में रखना चाहिए। लगातार बढ़ने वाले कारोबार में लंबी अवधि के निवेश से संपत्ति बनाने की संभावना हो सकती है, लेकिन इसके लिए कंपनी का प्रदर्शन और निवेश की कीमत दोनों महत्वपूर्ण हैं।इसलिए, जिन निवेशकों को शेयर अलॉट होते हैं, उन्हें लिस्टिंग के दिन जल्दबाजी में फैसला लेने के बजाय अपने निवेश के उद्देश्य और जोखिम उठाने की क्षमता का आकलन करना चाहिए।

Jio Platforms का कारोबार कितना मजबूत है?

जियो प्लेटफॉर्म्स भारत के डिजिटल और टेलीकॉम क्षेत्र की प्रमुख कंपनियों में शामिल है। कंपनी के आईपीओ दस्तावेजों के मुताबिक, उसके पास लगभग 53.33 करोड़ ग्राहक हैं, जिनमें करीब 28.49 करोड़ ग्राहक 5G सेवाओं का इस्तेमाल करते हैं। भारत के वायरलेस डेटा ट्रैफिक में कंपनी की हिस्सेदारी लगभग 60 प्रतिशत बताई गई है।कंपनी के वित्तीय आंकड़ों में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वित्त वर्ष 2023-24 में उसका परिचालन राजस्व लगभग ₹1.10 लाख करोड़ था, जो वित्त वर्ष 2025-26 में बढ़कर करीब ₹1.47 लाख करोड़ हो गया। इसी अवधि में शुद्ध मुनाफा लगभग ₹21,423 करोड़ से बढ़कर ₹30,049 करोड़ तक पहुंच गया।कंपनी को 5G सेवाओं, होम ब्रॉडबैंड, डिजिटल प्लेटफॉर्म, क्लाउड सेवाओं और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े कारोबार में आगे बढ़ने के अवसर मिल सकते हैं। हालांकि, इन अवसरों का वास्तविक लाभ कंपनी की भविष्य की कमाई और खर्चों पर निर्भर करेगा।

निवेश से पहले इन जोखिमों को भी समझें

जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ में संभावनाओं के साथ कुछ जोखिम भी हैं:

  • वैल्यूएशन: निवेशकों को देखना होगा कि कंपनी की संभावित वृद्धि के मुकाबले आईपीओ की कीमत कितनी उचित है।
  • प्रतिस्पर्धा: टेलीकॉम क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा और ग्राहकों को बनाए रखने की चुनौती बनी रह सकती है।
  • नियामकीय जोखिम: टेलीकॉम नियमों और सरकारी नीतियों में बदलाव कंपनी के कारोबार को प्रभावित कर सकते हैं।
  • पूंजीगत खर्च: नेटवर्क विस्तार और नई तकनीकों पर होने वाला खर्च भविष्य के मुनाफे को प्रभावित कर सकता है।
  • टैरिफ और ARPU: प्रति ग्राहक औसत कमाई बढ़ाना कंपनी की ग्रोथ के लिए महत्वपूर्ण होगा, लेकिन टैरिफ बढ़ने से ग्राहकों के व्यवहार पर भी असर पड़ सकता है।

निवेशकों के लिए क्या है एक्सपर्ट की सलाह?

जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ उन निवेशकों के लिए लंबी अवधि का अवसर हो सकता है जो कंपनी की डिजिटल सेवाओं और टेलीकॉम कारोबार की वृद्धि पर भरोसा रखते हैं। लेकिन केवल GMP या संभावित लिस्टिंग गेन देखकर निवेश करना जोखिम भरा हो सकता है।यदि शेयर अलॉट हो जाते हैं, तो लिस्टिंग पर बेचने या लंबे समय तक रखने का फैसला निवेश के लक्ष्य, कंपनी के वैल्यूएशन और व्यक्तिगत वित्तीय जरूरतों के आधार पर करना चाहिए। अगले पांच से दस वर्षों तक निवेश बनाए रखने की क्षमता और बाजार में गिरावट सहने की तैयारी भी महत्वपूर्ण है।

जियो प्लेटफॉर्म्स आईपीओ में लिस्टिंग गेन की संभावना के साथ लंबी अवधि की वृद्धि का अवसर भी चर्चा में है। हालांकि, न तो लिस्टिंग पर मुनाफा निश्चित है और न ही लंबी अवधि का रिटर्न। निवेश से पहले आईपीओ दस्तावेज पढ़ें और जरूरत पड़ने पर योग्य वित्तीय सलाहकार से परामर्श लें।