नेपाल में हालिया बाढ़ और भूस्खलन ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है। भोटेकोशी और त्रिशूली नदियों में आई बाढ़ के बाद कई इलाकों में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। अब सरकार की ओर से नुकसान के आधिकारिक आंकड़े सामने आए हैं।

आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, बाढ़ और इससे जुड़ी आपदा में 7,570 से ज्यादा घर क्षतिग्रस्त हुए हैं। इनमें 1,253 घर पूरी तरह तबाह हो गए हैं। मकानों को हुए नुकसान का अनुमान करीब 17 अरब नेपाली रुपये लगाया गया है।
बाढ़ का सबसे बड़ा असर बुनियादी ढांचे पर पड़ा है। सड़कों और पुलों को भारी नुकसान पहुंचा है। सड़कों को करीब 30 अरब नेपाली रुपये के नुकसान का अनुमान है। वहीं, बाढ़ की तेज धार में 31 पुल पूरी तरह बह गए, जिससे कई इलाकों का संपर्क प्रभावित हुआ है।
नदियों के उफान से कई जिले प्रभावित
भोटेकोशी और त्रिशूली नदियों के उफान का असर नेपाल के कई जिलों में देखने को मिला है। रसुवा, नुवाकोट, धादिंग, गोरखा और चितवन समेत कई क्षेत्रों में बाढ़ से घरों, सड़कों और पुलों को नुकसान पहुंचा है।
इनमें नुवाकोट सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों में शामिल है, जहां बड़ी संख्या में मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं।
राहत और पुनर्निर्माण की बड़ी चुनौती
बाढ़ के बाद अब नेपाल के सामने प्रभावित लोगों तक राहत पहुंचाने के साथ-साथ क्षतिग्रस्त सड़कों, पुलों और मकानों के पुनर्निर्माण की बड़ी चुनौती है। कई इलाकों में बुनियादी ढांचे को हुए नुकसान के कारण सामान्य जनजीवन बहाल करने में समय लग सकता है।
नेपाल में राहत और बचाव अभियान के साथ अब नुकसान का आकलन और पुनर्निर्माण की तैयारियां भी तेज होने की उम्मीद है।

