देहरादून : अखिल भारतीय पुरोहित महासंघ, उत्तराखंड प्रांत की कार्यकारिणी के शिष्टमंडल ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान महासंघ ने मुख्यमंत्री को पाँच वर्ष का सफल कार्यकाल पूर्ण करने पर शुभकामनाएँ दीं और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। साथ ही राज्य में पुरोहित कल्याण आयोग के गठन की मांग को लेकर एक ज्ञापन भी सौंपा।

शिष्टमंडल में शामिल रहे ये पदाधिकारी
मुख्यमंत्री से मुलाकात करने वाले शिष्टमंडल में प्रदेश अध्यक्ष रमेश लेखवार (अत्रि जी महाराज), प्रदेश संयोजक एवं प्रवक्ता डॉ. स्वामी एस. चंद्रा, प्रदेश महामंत्री उदित पांडेय, प्रदेश मीडिया प्रभारी महेन्द्र सिंह राणा तथा सह मीडिया प्रभारी उमा शंकर कुकरेती शामिल रहे।
अंगवस्त्र और माँ सुरकंडा का चित्र भेंट किया
महासंघ के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को सम्मान स्वरूप अंगवस्त्र, शक्तिपीठ माँ सुरकंडा का चित्र तथा प्रसाद भेंट किया। इस अवसर पर महासंघ ने राज्य सरकार द्वारा कालनेमी के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान का भी पूर्ण समर्थन व्यक्त किया।
पुरोहित कल्याण आयोग के गठन की मांग
प्रदेश संयोजक एवं प्रवक्ता डॉ. स्वामी एस. चंद्रा ने मुख्यमंत्री को उत्तराखंड में पुरोहित कल्याण आयोग के गठन की मांग संबंधी ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया गया कि उत्तर प्रदेश, हरियाणा, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में इस प्रकार के आयोग या बोर्ड पहले से गठित किए जा चुके हैं, जबकि तमिलनाडु सरकार भी इस दिशा में कार्य कर रही है।
आयोग बनने से मिलेंगे कई लाभ
महासंघ के अनुसार, पुरोहित कल्याण आयोग के गठन से मंदिरों, मठों, गुरुद्वारों और अन्य धार्मिक स्थलों पर सेवा देने वाले पुरोहितों एवं धार्मिक कर्मियों के सामाजिक और आर्थिक हितों को मजबूती मिलेगी। इसके अलावा आर्थिक रूप से कमजोर एवं जरूरतमंद पुरोहित परिवारों को पेंशन, स्वास्थ्य सहायता, आर्थिक सहयोग तथा निर्धन कन्याओं के विवाह जैसी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ भी उपलब्ध कराया जा सकेगा।
मुख्यमंत्री ने दिया सकारात्मक आश्वासन
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने महासंघ द्वारा सौंपे गए ज्ञापन पर सकारात्मक संज्ञान लेने का आश्वासन दिया। महासंघ ने बताया कि पुरोहित कल्याण आयोग के गठन के समर्थन में जल्द ही उत्तराखंड की विभिन्न सामाजिक, धार्मिक एवं आध्यात्मिक संस्थाओं तथा प्रमुख विभूतियों से भी संपर्क किया जाएगा, ताकि इस मांग को व्यापक जनसमर्थन मिल सके।

