
84 वर्ष की आयु में ली अंतिम सांस
देहरादून। उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले के पहले भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारी और अपनी निष्पक्ष कार्यशैली , सादगी व ईमानदारी के लिए विख्यात पूर्व आईएएस अधिकारी चंद्र सिंह का गुरुवार को देहरादून स्थित आवास पर निधन हो गया।वह 84 वर्ष के थे और पिछले कुछ समय से अस्वस्थ चल रहे थे। उनके निधन से प्रशासनिक, सामाजिक और बौद्धिक जगत में शोक की लहर है।
परिजनों के अनुसार, उनका अंतिम संस्कार शुक्रवार को हरिद्वार के खड़खड़ी घाट पर पूरे राजकीय सम्मान और पारिवारिक रीति-रिवाजों के साथ किया जाएगा।
उत्तरकाशी के पहले IAS अधिकारी बनने का गौरव
उत्तरकाशी जिले के भंकोली गांव में जन्मे चंद्र सिंह ने प्रशासनिक सेवा में अपनी अलग पहचान बनाई। उन्होंने उत्तराखंड कैडर के वरिष्ठ अधिकारियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अपने लंबे प्रशासनिक कार्यकाल में उन्होंने कई अहम जिम्मेदारियां निभाईं। लोक निर्माण विभाग (PWD) में अतिरिक्त सचिव के रूप में 1 नवंबर 2000 से 31 अगस्त 2002 तक उन्होंने अपनी अंतिम प्रशासनिक जिम्मेदारी निभाई।
ईमानदारी और सामाजिक सरोकारों के लिए हमेशा याद किए जाएंगे
वरिष्ठ पत्रकार महिपाल सिंह नेगी के अनुसार, चंद्र सिंह ने अपना पूरा जीवन ईमानदार प्रशासन, जनसेवा और सामाजिक सरोकारों को समर्पित किया। वह डॉ. भीमराव आंबेडकर के विचारों के प्रचार-प्रसार में भी सक्रिय रहे और प्रशासनिक सेवाओं के साथ-साथ वैचारिक एवं सामाजिक गतिविधियों में निरंतर योगदान देते रहे।
पुस्तक विमोचन कार्यक्रम पर भी पड़ा असर
वरिष्ठ पत्रकार शीशपाल सिंह गुसाईं ने बताया की 15 जुलाई को देहरादून पुस्तकालय में आयोजित होने वाले एक पुस्तक विमोचन कार्यक्रम में चंद्र सिंह पर लिखा गया विशेष लेख भी शामिल था। उनके आकस्मिक निधन के बाद अब यह कार्यक्रम भावुक माहौल में आयोजित होने की संभावना है।
कई गणमान्य लोगों ने जताया शोक
पूर्व विधायक विजयपाल सिंह सजवाण , दर्शन लाल , राधेश्याम कोठारी , संजय खत्री , कुलदीप कुमार सहित कई सामाजिक कार्यकर्ताओ , बुद्धिजीवियों और स्थानीय लोगों ने चंद्र सिंह के निधन पर गहरा दुःख व्यक्त करते हुए उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की। सभी ने उन्हें एक ईमानदार , सरल और जनहित के प्रति समर्पित प्रशासक के रूप में याद किया।

