20 किलोमीटर लंबे फोर-लेन हाईवे से सफर होगा आसान
उत्तराखंड में सड़क अवसंरचना को मजबूत करने के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) भानियावाला-ऋषिकेश मार्ग को फोर-लेन हाईवे के रूप में विकसित कर रहा है। करीब 20 किलोमीटर लंबी इस परियोजना पर 743 करोड़ रुपये की लागत आएगी। परियोजना के पूरा होने के बाद इस मार्ग पर बढ़ते ट्रैफिक दबाव को कम करने, यात्रा को अधिक सुरक्षित बनाने और आवागमन को तेज करने में मदद मिलेगी।

754 पेड़ों का होगा प्रत्यारोपण
हाईवे निर्माण के दौरान पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए विशेष योजना तैयार की गई है। पेड़ों की कटाई को न्यूनतम रखने के उद्देश्य से
754 पेड़ों का प्रत्यारोपण किया जाएगा। इससे हरित क्षेत्र को सुरक्षित रखने के साथ-साथ पारिस्थितिकी संतुलन बनाए रखने में भी मदद मिलेगी।
हाथियों के लिए बनेगी सुरक्षित राह
यह परियोजना वन्यजीव संरक्षण को ध्यान में रखकर तैयार की गई है।मार्ग पर हाथियों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए लगभग 3.5 किलोमीटर लंबी एलिवेटेड संरचना विकसित की जाएगी। इसके अलावा विशेष एलिफेंट अंडरपास भी बनाए जायेंगे , ताकि वन्यजीवों का प्राकृतिक मार्ग प्रभावित न हो और मानव – वन्यजीव संघर्ष की आशंका काम हो।

आधुनिक सड़क सुरक्षा से सुसज्जित होगा हाईवे
यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस मार्ग पर कई आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इनमें साउंड बैरियर, एंटी-ग्लेयर स्क्रीन, वन्यजीव चेतावनी संकेतक, स्पीड कंट्रोल उपाय और नो-हॉर्न जोन शामिल हैं। इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं को कम करना और यात्रा को अधिक सुरक्षित बनाना है।

स्थानीय लोगों और पर्यटकों दोनों को होगा फायदा
NHAI के अनुसार, परियोजना पूरी होने के बाद भानियावाला-ऋषिकेश मार्ग पर यातायात अधिक सुगम होगा। इससे स्थानीय लोगों को रोजमर्रा के आवागमन में सुविधा मिलेगी, वहीं ऋषिकेश और चारधाम की ओर जाने वाले पर्यटकों को भी बेहतर और सुरक्षित सड़क का लाभ मिलेगा। यह परियोजना राज्य की कनेक्टिविटी को मजबूत करने के साथ-साथ विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

