
उत्तर प्रदेश बार काउंसिल की अनुशासन समिति ने जिला दीवानी एवं फौजदारी बार एसोसिएशन गौतमबुद्ध नगर के अध्यक्ष अधिवक्ता मनोज कुमार भाटी का वकालत का लाइसेंस निरस्त कर दिया है। समिति ने आदेश में कहा कि मनोज भाटी ने भारतीय वायुसेना में सेवारत रहते विभाग की अनुमति और अनापत्ति प्रमाण पत्र के बिना शैक्षिक योग्यताएं हासिल कीं। उनकी तीन वर्षीय एलएलबी डिग्री पूरी तरह अमान्य व अवैध है। आदेश की प्रति सचिव, यूपी बार काउंसिल के पत्र के साथ संबंधित अधिकारियों को भेजी गई है।भाटी का काॅलेज से करीब 2000 किलोमीटर दूर तैनात रहते हुए नियमित कक्षाओं में 76 प्रतिशत उपस्थिति दिखाकर 2007 में डिग्री पाना संभव नहीं था। मनोज कुमार भाटी ने 26 अप्रैल 2009 को उत्तर प्रदेश बार काउंसिल में पंजीकरण कराया। उनके शपथ पत्र पर 24 अप्रैल 2009 की तारीख है, जिसमें उन्होंने किसी नौकरी या व्यवसाय में न होने की घोषणा की थी, जबकि वे 30 अप्रैल 2009 तक वायुसेना में थे। आदेश के अनुसार काॅलेज की अटेंडेंस शीट से संकेत मिलता है कि मनोज की जगह किसी अन्य व्यक्ति को कक्षाओं में उपस्थित कराया गया। यह पूरी तरह सिद्ध है कि उनकी तीन वर्षीय एलएलबी डिग्री अमान्य और अवैध है। समिति ने इसे कदाचार मानते हुए मनोज भाटी का लाइसेंस निरस्त करने का आदेश दिया।
