जंतर-मंतर पर लंबे समय तक चले आंदोलन के दौरान आंदोलनकारियों के लिए खाने और पानी की व्यवस्था करने वाले मोहम्मद जुनैद अब खुद चर्चा में हैं। 36 दिनों तक प्रदर्शनकारियों के बीच रहकर उनकी जरूरतों का ध्यान रखने वाले जुनैद ने अब अपनी परेशानियों और मौजूदा हालात को लेकर चिंता जताई है।

जुनैद उस समय सुर्खियों में आए थे, जब उन्होंने आंदोलन स्थल पर मौजूद लोगों के लिए भोजन और पानी की व्यवस्था करने में अहम भूमिका निभाई थी। प्रदर्शन के दौरान वह लगातार लोगों के बीच नजर आए और जरूरतमंदों तक खाने-पीने की चीजें पहुंचाते रहे।
आंदोलन खत्म होने के बाद बदले हालात
जुनैद का कहना है कि आंदोलन के दौरान लोगों का साथ और सहयोग मिला, लेकिन बाद में परिस्थितियां बदल गईं। उन्होंने दावा किया कि आंदोलन खत्म होने के बाद उन्हें कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ा और अब वह खुद को अकेला महसूस कर रहे हैं।
उनका कहना है कि जिन लोगों के साथ उन्होंने इतने दिनों तक काम किया, उनसे पहले जैसी बातचीत नहीं हो पा रही है। इसी वजह से वह भावुक भी नजर आए।
अभिजीत दिपके को लेकर उठे सवाल
इस पूरे मामले में अब सवाल उठ रहे हैं कि क्या आंदोलन से जुड़े प्रमुख चेहरों में शामिल अभिजीत दिपके ने जुनैद से दूरी बना ली है? हालांकि इस मामले में सभी पक्षों की अपनी-अपनी बातें हैं।
जुनैद की ओर से कहा गया है कि उन्हें उम्मीद थी कि आंदोलन के बाद भी साथियों का सहयोग मिलेगा। वहीं, इस मुद्दे पर दूसरे पक्ष की प्रतिक्रिया सामने आने के बाद ही तस्वीर और साफ हो पाएगी।
जुनैद की भूमिका पर भी चर्चा
जंतर-मंतर पर हुए इस आंदोलन के दौरान कई ऐसे लोग भी सामने आए, जो मंच पर नहीं थे लेकिन पर्दे के पीछे रहकर व्यवस्थाएं संभाल रहे थे। जुनैद भी उन्हीं लोगों में शामिल थे, जिन्होंने आंदोलनकारियों के लिए रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने में योगदान दिया।
अब यह मामला एक बार फिर चर्चा में है और लोगों की नजर इस बात पर है कि आंदोलन से जुड़े अन्य लोग जुनैद के आरोपों और उनकी चिंताओं पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं।

