
एथलेटिक्स दुनिया के सबसे पुराने और लोकप्रिय खेलों में शामिल है। इसमें दौड़, कूद, फेंक और पैदल चाल जैसी विभिन्न स्पर्धाएं होती हैं। विश्व एथलेटिक्स के अनुसार इसकी परंपरा लगभग 3,000 वर्षों से अधिक पुरानी मानी जाती है।
प्राचीन काल में एथलेटिक्स की शुरुआत
एथलेटिक्स की जड़ें प्राचीन सभ्यताओं तक जाती हैं। मिस्र में लगभग 3800 ईसा पूर्व संगठित दौड़ प्रतियोगिताओं के शुरुआती प्रमाण मिलते हैं। प्राचीन यूनान में एथलेटिक्स को विशेष महत्व मिला और यह ओलंपिक खेलों का प्रमुख हिस्सा बन गया।
776 ईसा पूर्व में प्राचीन ओलंपिक खेलों का पहला दर्ज आयोजन हुआ। उस समय मुख्य प्रतियोगिता लगभग 185 मीटर की स्टेडियन दौड़ थी और एलिस के कोरोइबोस को पहला दर्ज ओलंपिक विजेता माना जाता है। बाद में लंबी दौड़, पंचक्रीड़ा, भाला और चक्का फेंक जैसी स्पर्धाएं भी शामिल हुईं।
आधुनिक एथलेटिक्स का विकास
आधुनिक एथलेटिक्स का व्यवस्थित विकास मुख्य रूप से 19वीं शताब्दी में ब्रिटेन के स्कूलों, विश्वविद्यालयों, सैन्य संस्थानों और खेल क्लबों से हुआ। 1837 में लंदन के लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड में पहला विशिष्ट एथलेटिक्स ट्रैक बनाया गया। 1880 में इंग्लैंड में Amateur Athletic Association (AAA) की स्थापना हुई, जिसे दुनिया का पहला राष्ट्रीय एथलेटिक्स महासंघ माना जाता है।
1896 में आधुनिक ओलंपिक की वापसी
1896 में एथेंस में आधुनिक ओलंपिक खेलों की शुरुआत हुई। इसमें 9 देशों के 63 खिलाड़ियों ने 12 एथलेटिक्स स्पर्धाओं में हिस्सा लिया। अमेरिका के जेम्स कॉनॉली आधुनिक ओलंपिक के पहले एथलेटिक्स स्वर्ण पदक विजेता बने।
1912 में अंतरराष्ट्रीय संगठन की स्थापना
एथलेटिक्स के नियमों को एक समान बनाने और विश्व रिकॉर्ड को आधिकारिक रूप से दर्ज करने के लिए 17 जुलाई 1912 को स्टॉकहोम में International Amateur Athletic Federation (IAAF) की स्थापना हुई। बाद में इसका नाम 2001 में बदला गया और 2019 से इसका नाम World Athletics है।
महिलाओं की भागीदारी
महिलाओं को ओलंपिक एथलेटिक्स में पहली बार 1928 के एम्स्टर्डम ओलंपिक में शामिल किया गया। उस समय महिलाओं के लिए केवल पांच स्पर्धाएं थीं—100 मीटर, 800 मीटर, 4×100 मीटर रिले, ऊंची कूद और चक्का फेंक। इसके बाद महिलाओं की स्पर्धाओं में लगातार विस्तार हुआ।
तकनीक और आधुनिक दौर
समय के साथ एथलेटिक्स में इलेक्ट्रॉनिक टाइमिंग, आधुनिक ट्रैक, बेहतर प्रशिक्षण, खेल विज्ञान और तकनीकी उपकरणों का इस्तेमाल बढ़ा। 1932 के लॉस एंजिलिस ओलंपिक में इलेक्ट्रिकल टाइमिंग का इस्तेमाल हुआ। 1960 के दशक से टेलीविजन प्रसारण ने एथलेटिक्स की लोकप्रियता को दुनिया भर में बढ़ाया।
21वीं सदी में एथलेटिक्स के बड़े सितारों में उसैन बोल्ट, माइकल जॉनसन, डेविड रुडिशा, कैथी फ्रीमैन सहित अनेक खिलाड़ियों ने इस खेल को नई पहचान दी। 2008 बीजिंग ओलंपिक में उसैन बोल्ट ने 100 और 200 मीटर में विश्व रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण पदक जीते।
एथलेटिक्स की प्रमुख स्पर्धाएं
- दौड़: 100 मीटर, 200 मीटर, 400 मीटर, 800 मीटर, 1500 मीटर और लंबी दूरी की दौड़
- बाधा दौड़: 100/110 मीटर हर्डल्स और 400 मीटर हर्डल्स
- रिले: 4×100 मीटर और 4×400 मीटर
- कूद: लंबी कूद, ऊंची कूद, त्रिकूद और पोल वॉल्ट
- फेंक: गोला फेंक, चक्का फेंक, भाला फेंक और हथौड़ा फेंक
- संयुक्त स्पर्धाएं: डेकाथलॉन और हेप्टाथलॉन
- अन्य: मैराथन और रेस वॉकिंग एथलेटिक्स ने प्राचीन यूनान की साधारण दौड़ प्रतियोगिताओं से लेकर आधुनिक विश्व स्तरीय चैंपियनशिप तक लंबा सफर तय किया है। आज यह ओलंपिक खेलों का सबसे महत्वपूर्ण आधारभूत खेल माना जाता है और इसमें हर उम्र तथा स्तर के खिलाड़ियों के लिए अलग-अलग स्पर्धाएं उपलब्ध हैं।

