हरिद्वार: अर्धकुंभ से पहले दीवारों पर जीवंत हो रही कला।

उत्तराखंड भारत लेटेस्ट न्यूज़

हरिद्वार की इन तस्वीरों को देखकर आपको लगेगा जैसे ये तैयारियां दिवाली के लिए हो रही हैं। लेकिन ऐसा नहीं है। दरअसल, ये तैयारियां हरिद्वार में होने वाले अर्धकुंभ 2027 की हैं।

अर्धकुंभ मेले का आयोजन 14 जनवरी 2027 (मकर संक्रांति) से 20 अप्रैल 2027 (चैत्र पूर्णिमा) तक किया जाएगा।

जिस तरह दिवाली से पहले लोग अपने घरों को रंग-रोगन से सजाते हैं, ठीक वैसे ही ये कलाकार अपनी कला से शहर की दीवारों को सजा रहे हैं। उनकी बनाई कलाकृतियों को देखकर राहगीरों के मुंह से बस एक ही शब्द निकलता है – “वाह, क्या कला है!”

ये तस्वीरें हरिद्वार-दिल्ली बाईपास रोड की हैं, जहां सीढ़ियां लगाकर महिला कलाकार पूरी मेहनत से काम कर रही हैं। दीवारों पर बनी मंदिरों की आकृतियां अलौकिक लग रही हैं। नाप-तौल कर बनाई गई ये कलाकृतियां इतनी मनमोहक हैं कि बाहर से आने वाले लोग सड़क किनारे गाड़ी रोककर इन्हें देखे बिना नहीं रह पा रहे।

हाईवे के पुल पर कोई मंदिर तो कोई गंगा की तस्वीर उकेर रहा है। लेकिन इनमें सबसे खास तस्वीर वो है, जिसमें गंगा में स्नान करते साधुओं और हाथ में नरमुंड लिए लंबी जटाओं वाले अघोरी बाबा को दर्शाया गया है।

इस बार का अर्धकुंभ मेला बेहद खास रहने वाला है। यह न सिर्फ बाहर से स्नान करने आने वाले श्रद्धालुओं के लिए खास होगा, बल्कि स्थानीय कारोबारियों के लिए भी कमाई का बड़ा अवसर लेकर आएगा।

अर्धकुंभ मेला 2027 की प्रमुख जानकारी:

–शुरुआत: 14 जनवरी 2027 (मकर संक्रांति)

–समापन: 20 अप्रैल 2027 (चैत्र पूर्णिमा)

–प्रमुख स्नान: इस दौरान 10 से 11 प्रमुख स्नान और अमृत स्नान होंगे, जिनमें महाशिवरात्रि (6 मार्च 2027) प्रमुख है।

Leave a Reply